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    SIR को लेकर टेंशन नहीं लेने का, 4 जून से हर बूथ पर मिलेंगे बीएलओ

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 12:54 PM (IST)

    SIR: 4 जून से सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक उपस्थित रहेंगे, जिससे मतदाताओं को सुविधा मिलेगी और त्रुटियों का सुधार ...और पढ़ें

    बूथ पर वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करता मतदाता। (प्रतीकात्मक फोटो)

    बूथ पर वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करता मतदाता। (प्रतीकात्मक फोटो)

    जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले की तैयारी की प्रक्रिया चल रही है। 30 जून से एसआइआर होना है। मतदाताओं की सुविधा और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों को लेकर धनबाद जिला निर्वाचन विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

    चार जून से धनबाद जिले के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) प्रतिदिन सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे। इस संबंध में उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी आदित्य रंजन जल्द ही औपचारिक आदेश जारी करेंगे।

    जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, बीएलओ की बूथ पर नियमित उपस्थिति से मतदाताओं को विभिन्न कार्यों के लिए कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। निर्धारित समय के दौरान अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग, मतदाता सूची से संबंधित त्रुटियों का सुधार, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, पता परिवर्तन तथा अन्य निर्वाचन संबंधी कार्य किए जा सकेंगे।

    धनबाद में कुल 2,372 मतदान केंद्र 

    वर्तमान में जिले में 2,372 मतदान केंद्र हैं, जहां बीएलओ प्रतिदिन तीन घंटे उपलब्ध रहेंगे। हालांकि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 2,484 हो जाएगी।

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    जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी कालिदास मुंडा ने बताया कि प्रत्येक बीएलओ को प्रतिदिन तीन घंटे अपने संबंधित बूथ पर रहना अनिवार्य होगा। इससे आम मतदाताओं को सीधे बूथ स्तर पर सेवाएं मिल सकेंगी और अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान व मैपिंग का कार्य भी तेजी से पूरा होगा।

    मदताता सूची को अद्यतन बनाने में मिलेगी मदद 

    उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से एसआईआर अभियान को भी गति मिलेगी और मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं अद्यतन बनाने में सहायता मिलेगी। निर्वाचन विभाग को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से मतदाताओं की भागीदारी बढ़ेगी और चुनावी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा सकेगा।