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एमबीबीएस की पढ़ाई बीच में छोड़ने पर 20 लाख का जुर्माना, मेडिकल कॉलेजों में नया नियम लागू

Published: Thu, 03 Sep 2026 08:01 PM (IST)

झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई बीच में छोड़ने पर छात्रों को 20 लाख रुपये का जुर्माना देना ...और पढ़ें

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज एंड अस्पताल।(फाइल फोटो)

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज एंड अस्पताल।(फाइल फोटो)

जागरण संवादगदाता, धनबाद। एमबीबीएस की सीट पर नामांकन लेने के बाद पढ़ाई को बीच में ही छोड़ना भारी पड़ सकता है। इसके लिए भारी जुर्माना भरना होगा। राज्य मुख्यालय रांची की ओर से जारी नए आदेश के तहत अब सीट छोड़ने पर 20 लाख के जुर्माने का प्राविधान किया गया है।

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज एवं हास्पिटल (एसएनएमएमसीएच) समेत राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कालेजों में इस नियम को कड़ाई से लागू कर दिया गया है।

नामांकन के समय ही लिया जा रहा सहमति पत्र

मेडिकल कालेजों में खाली रह जाने वाली सीटों की समस्या से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है। कई बार ऐसा होता है कि छात्र एक साथ कई जगहों पर क्वालिफाई कर लेते हैं। शुरुआत में वे एक कॉलेज में दाखिला ले लेते हैं, लेकिन बाद में किसी अन्य बेहतर संस्थान में अवसर मिलने पर पहली सीट को बीच में ही छोड़ देते हैं।

इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए, एसएनएमएमसीएच में पहले राउंड के नामांकन के दौरान ही छात्रों और उनके अभिभावकों से एक सहमति फार्म भरवाया जा रहा है। इसमें स्पष्ट है कि यदि काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्र सीट छोड़ता है, तो उसे जुर्माने की राशि चुकानी होगी।

एक सीट खाली रहने से होता है बड़ा नुकसान

एसएनएमएमसीएच के नामांकन सेल के प्रमुख डा. गणेश कुमार ने बताया कि नामांकन की सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद कालेज छोड़ना नियमों के खिलाफ है। कहा कि जब कोई छात्र अंतिम रूप से सीट लाक होने के बाद कालेज छोड़ता है, तो वह सीट पूरे साल के लिए खाली रह जाती है।

इससे किसी दूसरे योग्य उम्मीदवार का डाक्टर बनने का सपना टूट जाता है और देश को एक डाक्टर का नुकसान होता है। इसी नुकसान की भरपाई और जिम्मेदारी तय करने के लिए यह जुर्माना लगाया गया है।

एसएनएमएमसीएच में 100 सीटों पर चल रही है दाखिले की प्रक्रिया

वर्तमान में एसएनएमएमसीएच में कुल 100 एमबीबीएस सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया जारी है। नियमों के तहत, इनमें से 15 प्रतिशत सीटें सेंट्रल कोटा (ऑल इंडिया कोटा) के माध्यम से भरी जा रही हैं।

वहीं, शेष 85 प्रतिशत सीटों पर स्टेट कोटा, ईडब्ल्यूएस, और दिव्यांग आदि श्रेणियों के तहत दाखिला दिया जा रहा है। फिलहाल, स्टेट कोटा के तहत पहले राउंड की काउंसलिंग का नामांकन चल रहा है, जिसकी अंतिम तिथि 5 सितंबर तय की गई है। इसके तुरंत बाद दूसरे राउंड की काउंसलिंग और नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।