विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खुशी से खिले कोयला मजदूरों के चेहरे, JBCCI की बैठक में 19 प्रतिशत MGB पर सहमति, प्रह्लाद जोशी ने किया ट्वीट

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Updated: Wed, 04 Jan 2023 05:09 PM (IST)

जुलाई 2021 से वेतन बढ़ोतरी का राह देख रहे कोयला मजदूरों का इंतजार अब खत्‍म हुआ। कल कोलकाता में हुई जेबीसीसीआइ की बैठक में 19 प्रतिशत एमजीबी देने पर सहमति बनी है। इससे कोयला मजदूरों के चेहरे खिल उठे हैं।

कोयला मजदूरों को 19 प्रतिशत एमजीबी देने पर फैसला
कोयला मजदूरों को 19 प्रतिशत एमजीबी देने पर फैसला

आशीष अंबष्ठ, धनबाद। कोल इंडिया के साथ साथ सिग्रेनीज कोल कंपनी के कोयला श्रमिकों को वेतन में 19 प्रतिशत मिनिमम गारंटी बेनिफिट (एमजीबी) का लाभ मिलेगा। 11वें वेतन समझौते को लेकर मंगलवार को जेबीसीसीआइ ((Joint Bipartite Committee for the Coal Industry) की कोलकाता में हुई 8वीं बैठक में घंटों माथापच्ची के बाद इस पर सहमति बनी। एक जुलाई 2021 से बढ़े हुए वेतन का लाभ 2.62 लाख कोयला कामगारों को मिलेगा। श्रमिकों को मिलने वाले भत्ते, अन्य सुविधाओं व एरियर भुगतान कब तक होगा, इस पर अगली बैठक में निर्णय होगा। दसवें वेतन समझौते में 20 प्रतिशत एमजीबी कोयला श्रमिकों को मिला था।

यूनियन ने 25 प्रतिशत एमजीबी के लिए बनाया था दबाव

बैठक में यूनियन 25 प्रतिशत एमजीबी के लिए दबाव बनाए थी, मगर प्रबंधन ने 12 प्रतिशत से पत्ता खोला। फिर बढ़कर प्रबंधन 14 और 15 प्रतिशत पर आया। अंत में 19 प्रतिशत पर सहमति बन गई। इस निर्णय से कोल इंडिया पर सालाना 62 सौ करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा। मालूम हो कि 30 नवंबर को कोलकाता में आयोजित जेबीसीसीआइ की 7वीं बैठक बेनतीजा रही थी। तब यूनियन ने 28 प्रतिशत की मांग की थी। प्रबंधन 10.50 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ा था।

बैठक में ये भी रहे मौजूद 

बैठक की अध्यक्षता कोल इंडिया चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ले की। कोल इंडिया डीपी विनय रंजन, बीसीसीएल सीएमडी समीरन दत्ता, सीसीएल सीएमडी पीएम प्रसाद, एसईसीएल सीएमडी पीएस मिश्रा , कार्यकारी निदेशक वित्त सुनील महेता, कार्यकारी निदेशक कार्मिक एके चौधरी थे। वहीं यूनियन की ओर से एटक के रमेंद्र कुमार, बीएमएस से के लक्ष्मा रेड्डी, सुरेंद्र पांडेय, केपी गुप्ता, सुधीर गुड्डे, एचएमएस के नाथूलाल पांडेय, सिद्धार्थ गौतम, एसके पांडेय, सीटू से डीडी रामानंदन, अरूप चटर्जी, सुजीत भट्टाचार्य आदि मौजूद थे।

कोल इंडिया करती है 34 हजार वेतन मद में भुगतान

कोल इंडिया वेतन भुगतान के मद में 34 हजार करोड़ राशि सालना खर्च करती है। इसमें 19 प्रतिशत एमजीबी की बढ़ोतरी होने से करीब 62 सौ करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बीसीसीएल सीएमडी समीरन दत्ता ने बताया कि बीसीसीएल को करीब 15 सौ करोड़ का भार पड़ेगा। सारी स्थिति वित्त सर्वे के बाद होगी।

कोल इंडिया में कर्मचारियों का सबसे निचले स्तर का ग्रेड केटेगरी वन होता है। सबसे उच्चतम ग्रेड ए वन होता है।

केटेगरी वन का वेतन प्रतिदिन का हिसाब से होता है।

  • केटेगरी वन पहले 1411.68 रुपये प्रतिदिन अब 1679.90 रुपया की बढ़ोतरी।
  • ग्रेड वन का हर माह पहले 66729.93 रुपये अब बढ़कर 79408.61 रुपया मिलेगा।

अधिकारियों-कर्मचारियों की वेतन विसंगति का छाया रहेगा मामला

डीपी गाइडलाइन को दरकिनार कर एमजीबी पर सहमति बनी। गाइडलाइन के तहत कर्मचारियों का वेतन अधिकारियों से अधिक कमी होना चाहिए लेकिन जिस तरह से बढ़ोतरी की गई है ग्रेड वन एवं सुपरवाइजर स्टाफ का वेतन ई 3 अफसर के करीब पहुंच गया है।

सात जनवरी को वेतन समझौता में देरी के खिलाफ रांची में ट्रेड यूनियनों का होने वाला कन्वेंशन अब रद्द कर दिया गया है। वेतन समझौता पर सहमति के बाद कोयलाकर्मियों में खुशी देखने को मिल रही है।

इस पर कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी की भी प्रतिक्रिया आई है। उन्‍होंने भी बैठक में 19 प्रतिशत न्यूनतम गारंटी बेनेफिट देने की बात की जानकारी दी है। 

ये भी पढ़ें- आज कोलकाता में होगी 2.62 लाख श्रमिकों के कोयला वेतन समझौते को लेकर JBCCI की बैठक, बन सकती है ड्राफ्ट कमेटी

सीआइएल ने कोलकर्मियों को दिया स्पेशल हॉली डे होम पैकेज, केवल 400 रुपये में दार्जिलिंग, दीघा व पुरी भ्रमण