15 August से सरकारी दफ्तरों में वीडियो कॉल से होगी निगरानी, अधिकारी-कर्मचारियों की रहेगी ऑनलाइन हाजिरी
धनबाद जिले में सरकारी कार्यालयों और योजनाओं की निगरानी अब 15 अगस्त से वीडियो कॉल के जरिए की जाएगी। इस नई व्यवस्था से अधिकारियों की उपस्थिति और योजनाओं ...और पढ़ें

प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाते धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन। (फाइल फोटो)
HighLights
15 अगस्त से शुरू होगी वीडियो कॉल निगरानी व्यवस्था।
सरकारी कार्यालयों और योजनाओं की वास्तविक स्थिति पर नजर।
लाभुकों से सीधे बातचीत कर मिलेगी जानकारी।
जागरण संवाददाता, धनबाद। जिले में सरकारी योजनाओं और कार्यालयों की निगरानी का तरीका अब बदलने जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने के लिए वीडियो काल आधारित अटेंडेंस व मानिटरिंग सिस्टम 15 अगस्त से शुरू करने की तैयारी है।
पहले इसे एक अगस्त से लागू किया जाना था, लेकिन तकनीकी और अन्य तैयारियों में देरी के कारण इसकी तिथि आगे बढ़ा दी गई है। उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर समाहरणालय के सबसे ऊपरी तल पर 10 कंप्यूटर युक्त विशेष कक्ष तैयार किया जा रहा है। यहीं से जिले के विभिन्न विभागों, कार्यालयों और सरकारी संस्थानों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति और संबंधित योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जा सकेगी।
इस व्यवस्था के दायरे में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी अस्पताल, स्वास्थ्य उपकेंद्र, पंचायत, प्रखंड एवं अंचल कार्यालय, जन वितरण प्रणाली की दुकान, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), जल जीवन मिशन, ग्रामीण विकास, मनरेगा, बीपीओएस मशीन, राजस्व सहित अन्य विभाग और योजनाएं शामिल होंगी।
निरीक्षण के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकेगी।
लाभुकों से भी सीधे होगी बातचीत
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि नई व्यवस्था की खासियत यह होगी कि जिला स्तर के अधिकारी योजनाओं के लाभुकों से सीधे वीडियो काल पर बातचीत कर सकेंगे। इससे योजना का लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी जानकारी मिल सकेगी। राशन दुकानों में लाभुकों की उपस्थिति, खाद्यान्न का भंडारण व वितरण, स्टाक और रेट चार्ट की जांच भी आनलाइन निगरानी से की जाएगी।
खबरें और भी
अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता, बेड, लैब, ओपीडी रजिस्टर और चिकित्सकों की उपस्थिति, जबकि स्कूलों में शिक्षकों व विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन और विद्यालय की व्यवस्था की समीक्षा होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति, पोषाहार और अन्य सुविधाओं की भी निगरानी की जाएगी।
वहीं, प्रशासन जिला स्तर पर ई-अनुसमर्थन कोषांग भी तैयार कर रहा है। प्रत्येक शुक्रवार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक होगी। इस दौरान दो-तीन योजनाओं, संस्थानों या कार्यालयों का चयन कर उनकी स्थिति की जांच की जाएगी। निरीक्षण में वित्तीय गड़बड़ी, घटिया कार्य, लापरवाही या शिथिलता मिलने पर तत्काल कार्रवाई होगी।