धनबाद के सिजुआ में भू-धंसान से कोहराम, मकान धराशायी होने से एक बच्चे की मौत; मुआवजे की मांग पर सड़क जाम
Dhanbad Katras Land Subsidence: धनबाद के सिजुआ क्षेत्र में भू-धंसान से एक मकान ढह गया, जिसमें 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
HighLights
सिजुआ में भू-धंसान से 10 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत।
बीसीसीएल के अवैज्ञानिक खनन, अवैध उत्खनन को ठहराया जिम्मेदार।
मुआवजे और पुनर्वास की मांग पर लोगों ने सड़क जाम की।
संवाद सहयोगी, कतरास (धनबाद)। धनबाद कोयलांचल में बीसीसीएल की तरफ से अवैज्ञानिक तरीके से कोयले का खनन, खनन के बाद खदानों में बालू भराई में घपले-घोटाले और कोयले के अवैध खनन के कारण धरती पूरी तरह खोखली और खतरनाक हो गई है। आए दिन भू-धंसान की घटनाएं घटती हैं। इससे जान-माल की हानि होती है।

मंगलवार भोर पांच बजे बीसीसीएल के सिजुआ क्षेत्र के मोदीडीह भुइंटा पट्टी में भू-धंसान के दौरान मकान धराशायी होने से एक दस वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। इसके विरोध में स्थानीय लोग सड़क जाम कर मुआवाजे की मांग और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
भू-धंसान से टूटी लोगों की नींद
सिजुआ क्षेत्र के मोदीडीह 10 नंबर कॉलोनी के भुइयां पट्टी में मंगलवार सुबह करीब पांच बजे जोरदार आवाज के साथ भूधंसान हो गया। जिससे टोला में भगदड़ मच गई। एक परिवार के एक 10 वर्षीय बच्चा विक्रम कुमार की मौत हो गई, जबकि पत्नी सहित तीन बच्चे जख्मी हो गए। जिसे आनन-फानन में कतरास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां सभी इलाजरत हैं।
इधर, घटना के विरोध में आस-पड़ोस के लोगों ने धनबाद-कतरास मुख्य मार्ग को जाम कर मुआवजा व पुनर्वास की मांग करने लगे। सड़क के समीप टायर जलाकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक, मुआवजे की मांग
इधर, जानकारी पाते ही विधायक शत्रुघ्न महतो अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। उन्होंने सीएमडी, डीसी व एसपी सहित अन्य अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। आक्रोशित लोग पांच लाख रुपये मुआवजा व पुनर्वास की मांग करने लगे।
प्रत्यक्षदर्शी अर्जुन भुइयां ने बताया कि सुबह करीब पांच बजे पानी लगाने टुल्लू पंप लगाने जा रहा था कि तभी अचानक चरचराहट की आवाज के साथ घर धंसने लगा। गुड्डू भुइयां चाय पीने सिजुआ मोड़ गया था। वहीं, पत्नी चंदा देवी सहित सभी बच्चे सो रहे थे। सभी आवास के मलबे में दब गए। चिल्लाने की आवाज सुनकर अर्जुन सहित आस-पास के लोग जान जोखिम में डालकर सभी को मलबे से बाहर निकाला।
जिसमें विक्रम भुइयां 10 वर्ष (मृत), पत्नी चंदा देवी 42 वर्ष, आरती कुमारी 11 वर्ष, पूजा देवी 13 वर्ष, वाला कुमार तीन वर्ष जख्मी शामिल हैं। सभी को कतरास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इधर, बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा आस-पास के प्रभावित 12 परिवारों की सूची तैयार की गई है। वहीं, गुड्डू भुइयां के साथ करण भुइयां, जर्नादन मल्लाह, केदार भुइयां, गोपी भुइयां का घर जमींदोज हो गया। जबकि बोगली भुइयां, केदार भुइयां, अर्जुन भुइयां के घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
