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    छाताबाद भू-धंसान का जायजा लेने पहुंचे धनबाद सांसद ढुलू महतो, महिलाओं के विरोध से मचा हंगामा

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 10:32 PM (IST)

    Dhanbad News: सांसद ढुलू महतो ने छाताबाद भू-धंसान स्थल का जायजा लिया और पीड़ितों से मिलकर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। ...और पढ़ें

    छाताबाद में भू-धंसान की जानकारी लेते सांसद ढुलू महतो। (फोटो जागरण)

    छाताबाद में भू-धंसान की जानकारी लेते सांसद ढुलू महतो। (फोटो जागरण)

    HighLights

    1. सांसद ढुलू महतो ने छाताबाद भू-धंसान स्थल का जायजा लिया।

    2. उन्होंने पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया, पुनर्वास की मांग की।

    3. कोयला चोरी की सीबीआई जांच के लिए गृह मंत्री को लिखा पत्र।

    संवाद सहयोगी, कतरास(धनबाद)। छाताबाद में हुई भू-धंसान की घटना का शनिवार को धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने जायजा लिया। हालांकि, इस दौरान सांसद को कुछ विरोध का भी सामना करना पड़ा। विरोध करने वालों का सांसद समर्थकों ने विरोध किया। इससे थोड़ी देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    जब सांसद ढुलू महतो छाताबाद पहुंचे तो कुछ महिलाएं उनसे मिलकर अपनी बात रखना चाहती थीं। इस दौरान सांसद को घेरे लोगों ने महिलाओं को मिलने से रोक दिया। इससे महिलाएं नाराज हो गईं और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। करीब पांच मिनट तक आपसी खींचतान चलती रही।

    सांसद ढुलू महतो ने प्रभावित स्थल का जायजा लेकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावितों को हरसंभव मदद का भरोसा देते हुए कहा कि कोयलांचल में लगातार भू-धंसान के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।

    उन्होंने जिला प्रशासन व राज्य सरकार से कैंप लगाकर प्रभावितों को चिन्हित करने और पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की। सांसद ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से धनबाद में कोयला चोरी की लिखित शिकायत कर सीबीआई जांच की मांग की है।

    उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन व बीसीसीएल समय पर कार्रवाई किया होता तो शायद यह घटना नहीं घटती। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीबीआई जांच कराए तो दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ जाएगा। वहीं

    पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो ने कहा कि इस त्रासदी के लिए जितना बीसीसीएल प्रबंधन जिम्मेवार है, उससे कहीं अधिक जिम्मेवार हम और आम जनता भी हैं। यदि समय रहते लोग इसका विरोध करते तो शायद आज यह स्थिति देखने को नहीं मिलती।

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    उन्होंने कहा कि अब जरूरत इस बात की है कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए ठोस पहल की जाए। प्रभावित लोगों को तत्काल राहत दिलाने के साथ उनके सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था होनी चाहिए। राज्य सरकार से मदद के लिए प्रतिनिधिमंडल बनाकर मुलाकात की जाएगी।

    वहीं बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा ने घटना को हृदयविदारक बताते हुए कहा कि वे महीनों से भू-धंसान के खतरे की चेतावनी दे रहे थे। उन्होंने अवैध कोयला उत्खनन और बीसीसीएल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रभावितों के पुनर्वास के साथ रोजगार, स्कूल, अस्पताल व बस अड्डे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। 

     

    भूधंसान स्थल पर डोजरिंग को लेकर वाहन व सीआईएसएफ को भेजा गया था, लेकिन लोगों ने विरोध जताते हुए कार्य नहीं करने दिया। आईआईटी आईएसएम की टीम के द्वारा सर्वे कराया गया है। प्रभावितों का जेआरडीए के तहत पुनर्वास व मुआवजा दिया जाएगा।

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    सत्यकाम आंनद, जीएम, गोविंदपुर क्षेत्र