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नए डीआईजी राजीव मिश्रा के तेवर से अवैध कोयला कारोबारियों में हड़कंप, CISF ने शुरू किया सख्त अभियान

Published: Sat, 11 Jul 2026 01:17 PM (IST)

सीआईएसएफ के नए डीआईजी राजीव मिश्रा ने सिजुआ और कतरास क्षेत्र में अवैध कोयला खदानों व रेलवे साइडिंग का औचक निरीक्षण किया।

लोयाबाद थाना क्षेत्र के ही एसबीसी रेलवे साइडिंग का निरीक्षण करेत सीआइएसएफ डीआइजी राजीव मिश्रा। (फोटो जागरण)

लोयाबाद थाना क्षेत्र के ही एसबीसी रेलवे साइडिंग का निरीक्षण करेत सीआइएसएफ डीआइजी राजीव मिश्रा। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. डीआईजी राजीव मिश्रा ने अवैध कोयला खदानों का औचक निरीक्षण किया।

  2. कांटा पहाड़ी के संवेदनशील स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

  3. अवैध उत्खनन रोकने और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

जागरण संवाददाता, कतरास/लोयाबाद(धनबाद)। सीआईएसएफ के नव-पदस्थापित धनबाद डीआईजी राजीव मिश्रा ने शुक्रवार की शाम सिजुआ और कतरास क्षेत्र के विभिन्न इलाके का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले सिजुआ क्षेत्र के लोयाबाद व जोगता थाना क्षेत्र के 22/12 पहुंचे। लोयाबाद थाना क्षेत्र के ही एसबीसी रेलवे साइडिंग में सुरक्षा व कोयला रैक लोडिंग व्यवस्था का जायजा लिया।

कतरास क्षेत्र के कांटा पहाड़ी में विशेष रूप से दौरा किया, जहां पिछले माह भू-धंसान की चपेट में आने से एक केंपर सीधे गहरे पानी में गिर गया था। जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। डीआईजी ने इस बेहद संवेदनशील और खतरनाक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को परखा।

निरीक्षण अभियान में उनके साथ बीसीसीएल धनबाद यूनिट के नए वरीय कमांडेंट अजय सिंह, कमांडेंट मुकेश कुमार गुप्ता, डिप्टी कमांडेंट राजीव कुमार झा और सिजुआ क्षेत्र के कंपनी कमांडर राजेश कुमार सहित कतरास क्षेत्र के कंपनी कमांडर शिवानंद कुमार आदि शामिल थे। सुरक्षा की पुख्ता इंतजामों के बीच सीआईएसएफ के जवानों को भी पूरे क्षेत्र में तैनात किया गया था।

पूर्व में हुए अवैध उत्खनन पर सख्त रुख

निरीक्षण के बाद दैनिक जागरण से बातचीत करते हुए डीआईजी राजीव मिश्रा ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में पिछले 13 दिनों से अवैध उत्खनन बंद है, लेकिन इससे पूर्व यहां बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। सीआईएसएफ को लगातार सूचनाएं और शिकायतें मिल रही थीं।

पूर्व में हुए इस अवैध कारोबार में संलिप्त कई सफेदपोशों और कारोबारियों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, उन्होंने अभी किसी भी नाम का आधिकारिक खुलासा करने से इंकार किया। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में इन नामों और जानकारियों की बारीकी से पुष्टि की जा रही है। जैसे ही पुख्ता साक्ष्य मिलेंगे, सभी नामों को सार्वजनिक कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पूरी ताकत से रुकेगा अवैध कारोबार

डीआईजी ने कोयला तस्करों और अवैध उत्खनन करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जिन-जिन क्षेत्रों में पहले अवैध माइंस चलाई जा रही थीं, वहां अब दोबारा किसी भी सूरत में काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। सीआईएसएफ अपनी पूरी शक्ति और संसाधनों का प्रयोग कर इसे पूरी तरह ठप रखने का कार्य करेगी।

बीसीसीएल की संपत्तियों की सुरक्षा और राष्ट्रीय संपदा की चोरी को हर हाल में रोका जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वरीय कमांडेंट अजय सिंह, कमांडेंट मुकेश कुमार गुप्ता, कंपनी कमांडर राजेश कुमार, कतरास के कंपनी कमांडर शिवानंद कुमार और स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों को गश्ती और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

औचक निरीक्षण और काफी संख्या में जवानों की मुस्तैदी से स्थानीय कोयला तस्करों और अवैध उत्खनन करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।