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    सिंफर का कमाल: बंजर कोयला खदानों को हरा-भरा करेगा सुपर बैक्टीरिया

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 10:32 PM (IST)

    सिंफर ने कोयला खदानों के बंजर ओबी डंप को हरा-भरा करने के लिए 'सुपर बैक्टीरिया' (माइक्रोबियल कंसोर्टियम) विकसित किया है। यह तकनीक मीथेन से पौधों को पोष ...और पढ़ें

    पुटकी बलिहारी क्षेत्र के गोपालीचक कोलियरी में पौधरोपण करते सिंफर के विज्ञानी। (फोटो साैजन्य)

    पुटकी बलिहारी क्षेत्र के गोपालीचक कोलियरी में पौधरोपण करते सिंफर के विज्ञानी। (फोटो साैजन्य)

    जागरण संवाददाता, धनबाद। कोयला खदानों के बंजर और अग्नि प्रभावित क्षेत्र के ओबी डंप भी हरे-भरे होंगे। इसके लिए केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान-सिंफर विज्ञानियों ने अनोखी तकनीक विकसित की है। सिंफर विज्ञानियों ने सुपर बैक्टीरिया यानी माइक्रोबियल कंसोर्टियम की खोज की है।

    इस तकनीक से खनन क्षेत्र की बंजर पड़ी जमीन को कम समय में हरा-भरा किया सकेगा। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा बल्कि कोयला क्षेत्रों में पोस्ट माइनिंग रिक्लेमेशन को भी नई रफ्तार मिलेगी। ओबी डंप पर हरियाली लाने की शुरुआत पुटकी बलिहारी क्षेत्र के गोपालीचक कोलियरी के ओबी डंप से की गई। दो दिनों में एक हजार पौधे लगाए जाएंगे।

    डंप और अग्नि प्रभावित इलाकों से मिट्टी के सैंपल से कंसोर्टियम विकसित

    सिंफर विज्ञानियों ने बीसीसीएल के डंप और अग्नि प्रभावित इलाकों से मिट्टी के सैंपल लेकर उसमें से 131 प्रकार के सूक्ष्मजीव खोजे। इनमें 31 फ्रेंडली बैक्टीरिया और फंगी का चयन कर एक खास कंसोर्टियम विकसित किया। सिंफर ने इस अध्ययन में लगभग 1000 पौधे लगाने की योजना बनाई है।

    इस माइक्रोबियल कंसोर्टियम को सिंफर के नर्सरी में एक पाट एक्सपेरिमेंट में भी टेस्ट किया जा रहा है। प्रोजेक्ट लीडर डा. सिद्धार्थ सिंह के साथ डा. सुदर्शन सिंह राठौर, डा. अभय कुमार सिंह और डा. गौतम मंडल मुख्य भूमिका में हैं।

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    क्या करेगा कंसोर्टियम

    - हवा में मौजूद मीथेन से कार्बन लेकर पौधों तक पहुंचाएगा।
    - हवा में मौजूद नाइट्रोजन को पौधों के इस्तेमाल योग्य बनाएगा।
    - चट्टानों में फंसे पोटैशियम और फास्फोरस को घोल कर पौधों तक पहुंचाएगा।
    - गोथ हार्माेन देकर पौधों को तेजी से बढ़ने से मदद करेगा।

    कंसोर्टियम के लिए भारत सरकार से पेटेंट लेगा सिंफर

    सूक्ष्मजीव का उपयोग कर शुरू हुआ पौधरोपण रिसर्च प्रोजेक्ट कोयला खनन क्षेत्रों में मिट्टी के सूक्ष्मजीव समुदायों का उपयोग करके खनन के बाद तेज़ी से भूमि सुधार पर अध्ययन के तहत किया जा रहा है। रिसर्च एंड डेवलपमेंट आएंडडी प्रोजेक्ट के लिए कोल इंडिया ने फंड उपलब्ध कराया है। सिंफर इस कंसोर्टियम के लिए भारत सरकार से पेटेंट लेगा।

    बीसीसीएल ने पानी और सुरक्षा का दिया भरोसा

    पौधरोपण अभियान में बीसीसीएल के डायरेक्टर टेक्निकल ओपी संजय कुमार सिंह भी शरीक हुए। उन्होंने सिंफर निदेशक प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा के साथ पौधे लगाये। सिंफर की सराहना की और पौधों को बचाने के लिए बीसीसीएल कोलियरी प्रबंधन की ओर से पानी और सुरक्षा जैसी मदद का भरोसा दिया। सिंफर निदेशक ने कहा कि प्रोजेक्ट की सफलता के लिए बीसीसीएल का सहयोग जरूरी है।