बीसीसीएल सीएमडी के निजी सचिव को किसने मारा चाकू? सकते में अधिकारी-कर्मचारी
बीसीसीएल सीएमडी को धमकी के बाद निजी सचिव और जीएम प्रवीण कुमार पर चाकू से हमला हुआ, जिससे धनबाद में ...और पढ़ें

बीसीसीएल के सेट्रल अस्पताल में इलाजरत प्रवीण कुमार। (फोटो सौजन्य)
HighLights
सीएमडी सचिव और जीएम प्रवीण कुमार पर चाकू हमला।
पुलिस ने जीएम के परिजनों से पूछताछ शुरू की।
वित्त अधिकारी पंकज कुमार के मोबाइल डेटा की जांच।
जागरण संवाददाता, धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल को धमकी दिए जाने के बाद उनके निजी सचिव को चाकू लगने की घटना ने पूरे मामले को और उलझा दिया है। वहीं, निजी सचिव को पारिवारिक विवाद में चाकू लगने की चर्चा भी है। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
जीएम सह निजी सचिव प्रवीण कुमार के पेट में चाकू लगने की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इन घटनाओं के पीछे की वास्तविक वजह क्या है और क्या इनके बीच कोई संबंध है, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
बताया जा रहा है कि जीएम प्रवीण कुमार के पेट में चाकू लगा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद सरायढेला पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। फिलहाल, प्रवीण कुमार का इलाज केंद्रीय अस्पताल, धनबाद में चल रहा है।
बताया जाता है कि शनिवार को पुलिस ने प्रवीण कुमार के परिजनों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कोई विवाद या अन्य कारण तो नहीं है। फिलहाल, मामले में पुलिस की जांच जारी है।
वित्त अधिकारी पंकज कुमार के मोबाइल की जांच पर भी नजर
दूसरी ओर, बीसीसीएल के वित्त अधिकारी पंकज कुमार का मोबाइल फोन जब्त किए हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है। इस मामले में भी पुलिस की जांच जारी है।
मोबाइल जब्त किए जाने के बाद से पुलिस विभिन्न पहलुओं पर सुराग तलाश रही है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मोबाइल के डेटा की जांच में पूरा डेटा डिलीट मिला है। ऐसे में पुलिस की पड़ताल और महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, डेटा किन परिस्थितियों में डिलीट हुआ और इसका मामले से कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मोबाइल से संबंधित साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की जांच पर नजर बनाए हुए है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एफएसएल जांच के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मोबाइल से जुड़ी तकनीकी जानकारी और संभावित साक्ष्यों का पता लगाया जा सके। डेटा डिलीट मिलने के बाद जांच एजेंसियां इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही हैं।
जांच के बाद ही खुलेगा राज
सीएमडी को धमकी, निजी सचिव के घायल होने और वित्त अधिकारी के मोबाइल से जुड़े मामले ने बीसीसीएल में चल रहे घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, फिलहाल इन सभी घटनाओं के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और एफएसएल से मिलने वाली रिपोर्ट पर टिकी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इन घटनाओं के पीछे क्या कारण हैं और इनके बीच कोई संबंध है या नहीं।
