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    छा गया BCCL का ‘कोल नीर’, CMD मनोज अग्रवाल को मिला राष्ट्रीय सम्मान

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 02:24 PM (IST)

    Coal India: बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल को Coal Neer Water Project में उनके नेतृत्व और जल संरक्षण के प्रयासों के लिए राष्ट्रीय जल संगोष्ठी म ...और पढ़ें

    नई दिल्ली में फ्रंटलाइन लीडरशिप एक्सीलेंस अवार्ड प्राप्त करते बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल। (फोटो साैजन्य)

    नई दिल्ली में फ्रंटलाइन लीडरशिप एक्सीलेंस अवार्ड प्राप्त करते बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल। (फोटो साैजन्य)

    HighLights

    1. बीसीसीएल सीएमडी मनोज अग्रवाल को राष्ट्रीय जल पुरस्कार मिला।

    2. 'कोल नीर' परियोजना खदान जल को पेयजल में बदलती है।

    3. यह पहल जल संरक्षण और आजीविका को बढ़ावा देती है।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। Coal Neer Water Project जल संरक्षण, सतत जल प्रबंधन और जल सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल के लिए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।

    नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में रविवार को इंडियन पीएसयू की ओर से आयोजित राष्ट्रीय जल संगोष्ठी में उन्हें ‘फ्रंटलाइन लीडरशिप एक्सीलेंस अवार्ड’ एवं राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रदान किया गया।

    यह सम्मान विशेष रूप से बीसीसीएल में ‘कोल नीर’ परियोजना को आगे बढ़ाने में उनके नेतृत्व तथा सतत जल प्रबंधन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए दिया गया।

    ‘कोल नीर’ कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड की महत्वपूर्ण कचरे से संपदा (वेस्ट-टू-वेल्थ) पहल है। इस परियोजना को कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों के माध्यम से जमीन पर उतारा जा रहा है।

    बीसीसीएल के पुटकी-बलिहारी क्षेत्र में स्थापित ‘कोल नीर’ संयंत्र इस पहल का महत्वपूर्ण उदाहरण है। यहां खदान से निकलने वाले पानी को वैज्ञानिक तरीके से उपचारित कर सुरक्षित पेयजल के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है।

    खदान के पानी से तैयार हो रहा सुरक्षित पेयजल

    ‘कोल नीर’ परियोजना की खासियत यह है कि खदान जल को केवल अपशिष्ट मानकर छोड़ने के बजाय उसका उपचार कर उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ ही क्षेत्र में जल सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

    बीसीसीएल की यह पहल खनन गतिविधियों के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी और संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण बनकर सामने आई है।

    परियोजना का सामाजिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है। ‘कोल नीर’ के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी स्थानीय महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं। इस प्रकार यह पहल जल संरक्षण के साथ स्थानीय समुदाय को आर्थिक रूप से जोड़ने का काम भी कर रही है।

    जल सुरक्षा पर राष्ट्रीय स्तर पर मंथन

    राष्ट्रीय जल संगोष्ठी में जल संरक्षण, सतत जल प्रबंधन और जल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान जल प्रबंधन के क्षेत्र में नई और अभिनव पहलों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया।

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    बदलती परिस्थितियों में जल संसाधनों के संरक्षण और उनके प्रभावी उपयोग को लेकर विशेषज्ञों एवं संबंधित क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।

    बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल को मिला यह सम्मान कंपनी के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह सम्मान जल संरक्षण, पर्यावरणीय स्थिरता और समुदाय-केंद्रित विकास के प्रति बीसीसीएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

    ‘कोल नीर’ जैसी पहल यह संदेश देती है कि नवाचार और सतत प्रबंधन के जरिए पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों को सामाजिक और आर्थिक अवसरों में बदला जा सकता है।

    खनन क्षेत्र में जल के पुन: उपयोग और उपचार के माध्यम से संसाधनों के संरक्षण की दिशा में बीसीसीएल की यह पहल कंपनी की पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकारों को भी सामने लाती है।