बीसीसीएल केंद्रीय अस्पताल में कैंसर और कार्डियो यूनिट की तैयारी तेज, चार माह में शुरू हो जाएगा इलाज
बीसीसीएल केंद्रीय अस्पताल धनबाद में जल्द ही कैंसर और कार्डियोलॉजी यूनिट शुरू होंगी, जिससे श्रमिकों और स्थानीय मरीजों को गंभीर ...और पढ़ें

कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट तीन से चार माह में शुरू हो सकती हैं दोनों यूनिट।
HighLights
केंद्रीय अस्पताल में कैंसर और कार्डियो यूनिट जल्द शुरू होंगी।
पीपीपी मॉडल पर होगा संचालन, 3-4 माह में चालू होने की उम्मीद।
श्रमिकों और स्थानीय मरीजों को गंभीर इलाज की सुविधा मिलेगी।
आशीष अंबष्ठ, धनबाद। कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बीसीसीएल श्रमिकों और स्थानीय मरीजों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। बीसीसीएल के केंद्रीय अस्पताल में जल्द ही कैंसर और कार्डियोलॉजी यूनिट शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है।
अगले तीन से चार माह में दोनों यूनिट शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस दिशा में कंपनी की ओर से गठित कमेटी ने बीएम बिड़ला और टाटा कैंसर अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट बीसीसीएल के उच्च प्रबंधन को सौंप दी है।
रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधन ने दोनों यूनिट खोलने की योजना को हरी झंडी दे दी है। इन सुविधाओं के शुरू होने से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम हो सकती है।
खासकर उन श्रमिकों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। स्थानीय जरूरतमंद मरीजों के लिए भी यह पहल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में अहम साबित हो सकती है।
पीपीपी माडल पर होगा संचालन, जल्द तैयार होगा एमओयू। केंद्रीय अस्पताल में कैंसर और कार्डियो यूनिट का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही कंसल्टेंट की मदद से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी और समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसमें बीसीसीएल की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली जमीन, भवन और अन्य संसाधनों के साथ निजी भागीदार की भूमिका और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। फिलहाल गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कई बीसीसीएल कर्मियों को दूसरे शहरों के अस्पतालों में भेजना पड़ता है।
इस पर कंपनी को हर साल लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। केंद्रीय अस्पताल में ही कैंसर और हृदय रोग के इलाज की सुविधा उपलब्ध होने से श्रमिकों को बाहर जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है।
साथ ही, कंपनी के चिकित्सा खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, मरीजों को वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब दोनों यूनिट में विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक उपकरणों, जरूरी जांच और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
श्रमिक एक परिवार, बेहतर चिकित्सा सुविधा देना प्राथमिकता': सीएमडी
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि कंपनी के श्रमिक एक परिवार की तरह हैं। उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रबंधन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय अस्पताल में पीपीपी मॉडल के आधार पर कैंसर और कार्डियो यूनिट खोलने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि अगले तीन से चार माह में आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर दोनों यूनिट चालू करने का लक्ष्य है। इन यूनिट के शुरू होने से बीसीसीएल कर्मियों और उनके परिजनों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर जाने की मजबूरी कम होगी।
साथ ही, धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के जरूरतमंद मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। जनहित के लिहाज से इस परियोजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इलाज कितना सुलभ और किफायती बनाया जाता है तथा जरूरतमंद मरीजों को इसका लाभ किस स्तर तक मिल पाता है।
