यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बच्ची की मौत के बाद सदमे में आया परिवार, चार लोगों ने की आत्महत्या की कोशिश, खाना-पीना भी कर रखा था बंद
टीपन महतो नामक शख्स की बड़ी बेटी गीता की तीन महीने की बच्ची की तबीयत खराब चल रही थी। उसे उसके नाना इलाज के लिए कोलकाता ले ही जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई और इस सदमे को परिवार बर्दाश्त नहीं कर पाया।

जागरण संवाददाता धनबाद। बच्चे की मौत के सदमे में एक ही परिवार के 4 लोगों ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। सभी लोगों का इलाज शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में चल रहा है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बरवाअड्डा थाना के पांडे बरवा निवासी टीपन महतो, उसकी पत्नी दुखिया देवी, बड़ी बेटी गीता देवी और संगीता देवी ने जहर खाया है।
बेटी के इलाज के लिए मायके आई थी गीता
टीपन महतो की पत्नी दुखिया देवी ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी गीता की शादी कुंडली में हुई थी। उसकी एक तीन माह की बेटी थी। बेटी की तबीयत काफी खराब चल रही थी, लेकिन गीता के ससुराल वालों ने बच्ची का इलाज नहीं कराया। इसके लिए अपनी बेटी के इलाज के लिए गीता मायके आ गई और अपने पिता को बच्ची का इलाज कराने के लिए बोला।
सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाया परिवार
बच्ची का इलाज कराने के लिए उसके पिता और गीता उसे कोलकाता ले जा रहे थे, मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। जिसके बाद उसे वापस बरवाअड्डा लाया गया और उसके शव को दफन कर दिया गया। परिवार के लिए इस सदमे को बर्दाश्त कर पाना काफी मुश्किल रहा।
सिर्फ रोए जा रहा है परिवार
गांव वालों की मानें तो इन लोगों ने तीन दिन से कुछ खाया भी नहीं, सिर्फ रोए जा रहे थे। इसी बात को लेकर सोमवार की देर रात चारों ने मिलकर जहर खा लिया। टीपन महतो की पत्नी दुखिया देवी की स्थिति ठीक है मगर बाकी लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

