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    सावन का दूसरा सोमवार: देवघर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, भक्तों की भीड़ ने तोड़े अब तक के सारे रिकॉर्ड

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 09:18 AM (IST)

    श्रावणी मेला के दूसरे सोमवार को देवघर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां लगभग चार लाख भक्तों ने जलार्पण कर पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। प्रशासन की च ...और पढ़ें

    बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रांगण में बाह्य अरघा में जलार्पण और आंतरिक अरघा में जलार्पण के बाद उमड़ी भीड़। फोटो जागरण

     बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रांगण में बाह्य अरघा में जलार्पण और आंतरिक अरघा में जलार्पण के बाद उमड़ी भीड़। फोटो जागरण

    HighLights

    1. लगभग चार लाख भक्तों ने देवघर में जलार्पण किया।

    2. श्रावणी मेला के दूसरे सोमवार को रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी।

    3. प्रशासन ने सुगम दर्शन के लिए व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखीं।

    आरसी सिन्हा, देवघर। श्रावणी मेला का दूसरा सोमवार । आस्था का ऐसा समंदर उमड़ा है कि देवघर का कोना-कोना गेरूआमय हो गया है। चारो दिशाएं बोल बम से गुंजायमान है।

    अब तक के रिकॉर्ड टूट गए हैं। तकरीबन चार लाख भक्तों के पहुंचने का दृश्य दिखाई दे रहा है। पिछले साल 2025 में दूसरे सोमवार को 3.62 लाख भक्तों ने जलार्पण किया था। श्रावणी मेला 2024 के दूसरे सोमवार को 2.71 लाख श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया था।

    भीड़तंत्र को नियंत्रित रखने की पूरी कोशिश है। बीएड कॉलेज परिसर में बने होल्डिंग प्वाइंट, शिवराम झा चौक, नेहरू पार्क, क्यू काम्प्लेक्स से क्यू को पूरी तरह नियंत्रित किया जा रहा है।

    जय शिव जय शिवशंकर, हे भोलेनाथ तेरी महिमा अपरंपार का जयघोष हो रहा है। बाबा मंदिर से 15 किलोमीटर दूर तक लंबी कतार है। यह रूटलाइन के टेल प्वाइंट कुमैठा को छू रही है। पूजा अर्चना के लिए कतार में जाने का सिलसिला रात 12 बजे के बाद तेजी से शुरू हो गया था।

    भक्ति की बयार से बाबाधाम गुलजार

    बाबा मंदिर में भक्ति की बयार बह रही है। और उस बयार से मंदिर प्रांगण ही नहीं पूरा बाबाधाम सुगंधित हो रहा है। सावन का दूसरा सोमवार है और प्रदोष भी। रविवार रात दस बजे से भोलेनाथ के भक्त सोमवार को पूजा करने की लालसा मन में रखकर कतार में लगने के लिए जाने लगे थे। प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी पूरी रात आंखों में काट गए।

    ब्रह्म मुहूर्त की बेला में आसमान से झांकता रहा चांद

    द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक बाबा बैद्यनाथ का पट सुबह तकरीबन तीन बजकर चार मिनट पर खोला गया। यह ब्रह्म मुहूर्त की बेला है। परंपरा के मुताबिक सबसे पहले काचाजल अर्पित किया गया। इसका बाद प्रात:कालीन पूजा पूरे विधि विधान से तांत्रिक विधि से किया गया। पूजा में पुजारी सहयोग कर रहे थे।

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    जब पूजा शुरू हुआ तो मंदिर में चमक रही दुधिया रौशनी मन को पुष्प की तरह पुलकित कर रहा था। आसमान मे बादलों से झांकता चांद यह बता रहा था कि ब्रहम मुर्हूत है। कहते हैं कि देवघर में शिव और शक्ति विराजमान हैं। सुबह की पूजा के वक्त सारे देवी-देवता भी आते हैं।

    कुछ ऐसा ही आभास उन भक्तों को हो रहा था, जो मन के मंदिर में भोलेनाथ को बसाकर देवघर आए हैं। पुलिस का इंतजाम चुस्त है। बाह्य अरघा से जलार्पण के लिए भी लंबी कतार लगी है। सिंह द्वार से कांवरियों का रेला प्रवेश कर रहा है।

    भीड़ को देखते हुए मंदिर के मुख्य द्वार, शिवगंगा, शिवराम झा चौक, क्यू काम्प्लेक्स समेत सात विशेष प्वाइंट पर पहले से फोर्स और मैजिस्ट्रेट बढा दिए गए थे। जो भीड़ नियंत्रण में लगे हैं।

    डीसी-एसपी ने मेला में तैनात पदाधिकारियों को इस बात की समझा दिया है कि धैर्य के साथ हर हाल में सुगम और सुरक्षित जलार्पण कराना है। सो, सभी संयम के साथ समझा बुझाकर बीच बीच में बोल बम का जयघोष करवा रहे हैं।

    और शुरू हो गया जलार्पण

    इधर, अचानक गर्भ गृह से आवाज गूंजती है हर हर महादेव...। बाबा बैद्यनाथ की जय, मैया पार्वती की जय ...। यह सुनते ही मंदिर प्रांगण के संस्कार भवन में कतारबद्ध हजारों कांवरियों ने जयकारा लगाया बोलो बाबा बैद्यनाथ की जय। बोल बम, बोल बम...। अब यह बोल प्रांगण में गूंजने लगा। भक्तों में स्फूर्ती आ गयी। क्योंकि अब उनके दर्शन की बारी आ गयी थी।

    प्रातःकालीन पूजा पूरा हो गया। वाकी टाकी पर आवाज सुनायी दिया कि कांवरियों को धीरे धीरे आगे बढ़ने दें। और कपाट खोल दिया गया। बोल बम के बीच जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। संभवत: रात दस बजे के आसपास मंदिर का कपाट बंद होगा।

    रात 11 बजे कतार में लगे, पांच बजे चढ़ाया जल

    बिहार के सहरसा से युवकों की टोली में दिगंबर चौधरी थे। पूजा कर निकले तो उनका मन बहुत खुश। कहा कि वह रात 11 बजे कतार में लगने चले गए थे। मंदिर से चार किलोमीटर दूर चिल्ड्रेन पार्क के पास कतार में लगे थे। बताया कि सुबह तीन बजे आवाज दिया गया कि बम मंदिर बढ़ने के लिए तैयार हो जाइए और दस मिनट बाद लाइन चलने लगी।

    जब पूजा करके निकले थे, तब पांच बज रहे थे। बोले अच्छी व्यवस्था है। पूजा करने की कतार में बम लोग खुद आपाधापी करते हैं। भीड़ रहने के बावजूद पुलिस संयमित होकर नियंत्रित करती रही।

    राघव ने कहा कि कांवर लेकर आने में और कतार में पूरी रात आंखों में काटने में जो कष्ट होता है। वह भोलेनाथ के दरबार में पहुंचते ही छू मंतर हो जाता है। यही तो बाबा बैद्यनाथ की असीम कृपा है।

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