चतरा में गंभीर आरोपों के बावजूद निलंबित पुलिस अधिकारियों को फिर मिली थाने की कमान, दोबारा तैनाती पर उठने लगे सवाल
चतरा जिले में गंभीर आरोपों में निलंबित रह चुके दो पुलिस अधिकारियों को दोबारा थाना प्रभारी बनाया गया है। एनडीपीएस मामलों में लापरवाही, अफीम तस्करी और अ ...और पढ़ें

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HighLights
चतरा में दो निलंबित पुलिस अधिकारी फिर से थाना प्रभारी बने।
पुनर्पदस्थापना से पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठे।
संवाद सहयोगी, चतरा। जिले के दो पुलिस पदाधिकारियों को दोबारा थाना का प्रभार सौंपे जाने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। एनडीपीएस मामलों में लापरवाही, अफीम तस्करी में कथित सांठगांठ तथा अवैध कोयला-बालू कारोबार को संरक्षण देने जैसे आरोपों में कार्रवाई झेल चुके अधिकारियों की पुनर्पदस्थापना चर्चा का विषय बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता गिद्धौर थाना प्रभारी के रूप में पदस्थापित थे। मई 2025 में उन्हें एनडीपीएस से जुड़े मामलों में कथित लापरवाही और क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने के आरोप में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने निलंबित कर दिया था।
विभागीय कार्रवाई के बाद अब उन्हें सिमरिया थाना प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है। वहीं, अवर निरीक्षक प्रशांत मिश्रा पहले पिपरवार थाना प्रभारी रहे और बाद में लावालौंग थाना प्रभारी बनाए गए। मई 2025 में पिपरवार में पदस्थापन के दौरान अवैध बालू और कोयला कारोबार को संरक्षण देने के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया था।
इसके बाद अप्रैल 2026 में लावालौंग थाना प्रभारी रहते अफीम तस्करी से जुड़े लोगों के साथ कथित सांठगांठ के आरोप में भी तत्कालीन एसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इन्हें, पिपरवार थाने का दोबारा कमान सौंपा गया है।
दोनों पदाधिकारियों को फिर से थाना की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, पुलिस नियमावली के अनुसार विभागीय जांच, निलंबन अवधि समाप्त होने अथवा सक्षम प्राधिकारी के आदेश के बाद किसी अधिकारी की पुनर्पदस्थापना की जा सकती है।