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    चतरा में आंगनवाड़ी की व्यवस्था चरमराई: 8 महीने से पोषाहार राशि बकाया, सेविकाएं परेशान

    Updated: Fri, 17 Apr 2026 01:22 PM (IST)

    चतरा जिले में 8वें पोषण पखवाड़े के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति चिंताजनक है। प्रतापपुर, सिमरिया और टंडवा परियोजनाओं में सितंबर 2025 से अप्रैल 20 ...और पढ़ें

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    अजीत पांडेय, प्रतापपुर(चतरा)। देशभर में 9 से 23 अप्रैल 2026 तक मनाए जा रहे 8वें पोषण पखवाड़ा के तहत “सही पोषण, देश रोशन” का संदेश दिया जा रहा है, लेकिन चतरा जिले की जमीनी स्थिति इससे अलग तस्वीर पेश कर रही है। यहां आंगनवाड़ी केंद्र संसाधनों के अभाव से जूझ रहे हैं और पोषाहार मद की राशि लंबित रहने का असर सीधे तौर पर केंद्र संचालन पर पड़ रहा है।

    जानकारी के अनुसार, जिले के प्रतापपुर, सिमरिया और टंडवा परियोजना में सितंबर 2025 से अप्रैल 2026 तक करीब 8 माह से पोषाहार की राशि बकाया है।वहीं इटखोरी, चतरा और हंटरगंज परियोजना के कुछ आंगनवाड़ी केंद्रों को ही दो से चार माह की आंशिक राशि उपलब्ध कराई गई है। इससे विभिन्न परियोजनाओं के बीच भुगतान की स्थिति असमान बनी हुई है।

    राशि लंबित रहने के कारण कई आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन प्रभावित हो रहा है। सेविकाएं अपने स्तर से उधार लेकर बच्चों के लिए पोषाहार की व्यवस्था कर रही हैं। इस कारण उन पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।कार्रवाई के भय से अधिकांश सेविकाएं इस संबंध में खुलकर कुछ कहने से बच रही हैं।

    हाल के दिनों में निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां पाए जाने पर जिले की दो आंगनवाड़ी सेविकाओं को चयन मुक्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है, जिससे अन्य सेविकाओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

    नाम नहीं छापने की शर्त पर झारखंड आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन से जुड़ी कुछ सेविकाओं ने बताया कि पोषाहार राशि के भुगतान में देरी परियोजना स्तर से लेकर जिला कार्यालय तक की प्रक्रिया से जुड़ी है।

    उनके अनुसार भुगतान में अनियमितता और देरी लगातार बनी हुई है।इधर, पोषण पखवाड़ा के तहत जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन औचक निरीक्षण किया जा रहा है।

    विभागीय स्तर पर डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से केंद्रों और लाभार्थियों की निगरानी की जा रही है। हालांकि, पोषाहार राशि के लंबित रहने के कारण जमीनी स्तर पर कई केंद्रों में नियमित व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बना हुआ है।

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