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RINL और NMDC का SAIL में हो सकता है विलय, पीएमओ और इस्पात मंत्रालय को भेजा गया प्रस्ताव

Published: Thu, 08 Oct 2026 04:15 PM (GMT+05:30)

राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) और नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएमडीसी) का महारत्न कंपनी सेल में विलय करने की कवायद तेज हो गई है।

सेल बोकारो। (फाइल फोटो)

सेल बोकारो। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. आरआईएनएल-एनएमडीसी का सेल में विलय का प्रस्ताव तेज हुआ।

  2. सेफी ने पीएमओ, इस्पात मंत्रालय को भेजा है प्रस्ताव।

  3. वित्तीय संकट दूर कर मेगा स्टील पीएसयू बनाने का लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, बोकारो। भारत सरकार की सार्वजनिक नवरत्न कंपनी राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड तथा नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को महारत्न कंपनी सेल में विलय करने की कवायद अब तेज हो गई है।

इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित उक्त दोनों कंपनी आरआईएनएल व एनएमडीसी को सेल के साथ मर्ज करने का प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय व केंद्रीय इस्पात मंत्री को भेज दिया गया है।

स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया सेफी की ओर से दिए गए प्रस्ताव में दोनों कंपनियों के वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की चुनौतियों पर चिंता जाहिर करते हुए इसे सेल के साथ विलय करने की मांग की गई है।

प्रस्ताव में कहा गया है की बढ़ते कर्ज तथा घाटे का का सामना कर रहे आरआइएनएल तथा एनएमडीसी को महारत्न कंपनी सेल के साथ विलय करने से उक्त दोनों कंपनी का वित्तीय संकट दूर हो सकेगा तथा इससे सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनियों को वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान मिलेगी।

इन दोनों सरकारी कंपनियों को सेल का साथ मिलने से एक मेगा स्टील पीएसयू कंपनी का निर्माण होगा। जिससे आरआईएनएल कंपनी पर चढ़ा भारी कर्ज और वित्तीय अस्थिरता दूर होगी और यहां काम करने वाले हजारों कर्मचारी, अधिकारी व उनके स्वजनों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।

पीएमओ के निर्णय पर टिकी सेफी की निगाह

आरआईएनएल व एनएमडीसी कंपनी का सेल में विलय करने का प्रस्ताव पीएमओ व इस्पात मंत्रालय को दिए जाने के बाद सेफी की निगाह अब सरकार के फैसले पर टिकी हुई है।

स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया सेफी के पूर्व महासचिव विमल कुमार विशी ने कहा की यदि सरकार इस मसले पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो सेल तथा आरआईएनएल कंपनी के सेवानिवृत तथा सेवारत अधिकारी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे।

इसकी शुरूआत एक जनवरी 2027 से की जाएगी। जहां पहले चरण में कंपनी के अधिकारी ब्लैक बैंच लगाकर अपना विरोध दर्ज करेंगे। इसके बाद सेल व आरआईएनएल के अलग-अलग इकाईयों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। अंतत: नई दिल्ली के जंतर मंतर सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

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आरआईएनएल व एनएमडीसी कंपनी को सेल में विलय करने का प्रस्ताव सरकार को पूर्व में ही दिया जा चुका है, इस पर जल्द ही निर्णय होगा। विलय से दोनों कंपनियों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी और सेल का वर्तमान उत्पादन क्षमता बढ़कर लगभग 30 मिलियन टन हो जाएगा।

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नरेंद्र कुमार बंछोर चेयरमैन, सेफी