CISF अग्रिम निधि दुरुपयोग: सेल इकाइयों में जांच शुरू, फंड में कटौती की तैयारी
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में अग्रिम निधि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है, जिसके बाद CISF और सेल मुख्यालय ने जांच शुरू कर दी है।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल।
HighLights
सीआईएसएफ में अग्रिम निधि के दुरुपयोग का मामला उजागर।
सेल मुख्यालय ने फंड की समीक्षा और कटौती की योजना बनाई।
डिजिटलीकरण के कारण वार्षिक अग्रिम निधि में कमी संभव।
जागरण संवाददाता, बोकारो। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में अग्रिम निधि राशि यानी इंप्रेस्ट फंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। यह मामला स्टील सेक्टर की इकाईयों से जुड़ा हुआ है। इसके बाद सीआइएसएफ मुख्यालय ने अपनी ओर से मामले की जांच पड़ताल प्रारंभ कर दी है।
इधर सेल मुख्यालय भी अपनी ओर से सीआइएसएफ को अदा करने वाली अग्रदाय निधि राशि की समीक्षा में जुट गया है। सेल प्रबंधन की ओर से सीआइएसएफ के डीआइजी को सालाना 1 करोड़ रुपये का भुगतान अग्रिम निधि के मद में भुगतान किया जाता है।
इसके अलावा 10 लाख रुपये की राशि गणतंत्र दिवस तथा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ा खाना के आयोजन के लिए संबंधित इकाई के क्वार्टर मास्टर के माध्यम से उन्हें दी जाती है। जिसका उपयोग जवान व अधिकारियों के सामाजिक कल्याण, विभागीय सामग्री, जलपान व उनके आहार पर खर्च की जाती है।
इस राशि के उपयोग में कई वित्तीय अनियमितताएं अब सामने आ रही हैं, जहां सीआइएसएफ के कतिपय अधिकारी सेल प्रबंधन के इस राशि का एक बड़ा हिस्सा अपने निजी काम के इस्तेमाल के लिए कर रहे है और सेल प्रबंधन पर वित्तीय बोझ लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
इनमें कुछ ऐसे अधिकारी भी है जो की सीआइएसएफ की सेवा से अब रिटायर हो गए है या स्टील सेक्टर से किसी दूसरे सेक्टर की इकाई में उनका तबादला हो गया है।
अग्रिम निधि के खर्च में होगी कटौती
सेल के अलग अलग इकाई में सीआइएसएफ को दी जाने वाली अग्रिम निधि राशि के खर्च में अब कटौती की जाएगी। इसका कारण यह है की डिजिटल युग में सीआइएसएफ की लगभग सभी विभागीय कार्यप्रणाली मैनुअल के बजाए अब आनलाइन हो गई है।
ऐसे में अग्रिम निधि राशि के उपयोग से कार्यालय तथा अन्य सेवाओं पर खर्च होने वाली राशि काफी कम हो गई है। इसलिए एक करोड़ रुपये सालाना अग्रिम निधि राशि के बजाए इसे 30 लाख रुपये सालाना करने पर विचार किया जा रहा है।
वहीं, 26 जनवरी तथा 15 अगस्त पर सीआइएसएफ की ओर से आयोजित बड़ा खाना के कार्यक्रम की राशि को भी सालाना 10 लाख रुपये से कम कर इसे 4 से 5 पांच लाख रुपये करने की तैयारी है। इससे एक ओर जहां सेल प्रबंधन के वित्तीय खजाने पर संतुलन बना रहेगा, वही अग्रिम निधि राशि तथा बड़ा खाना आदि राशि के खर्च की प्रक्रिया पारदर्शी हो सकेगी।
