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    शिक्षा विभाग सुनो... घोरड़ी ऊधमपुर में 4 लेक्चरर समेत 17 पद खाली, बच्चे बोले- 'हमें धरना नहीं, क्लास चाहिए'

    By Sher Singh Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Sat, 08 Aug 2026 05:53 PM (IST)

    ऊधमपुर के घोरड़ी सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षकों की कमी के खिलाफ छात्रों ने एबीवीपी के बैनर तले प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

    ऊधमपुर के घोरड़ी स्कूल में शिक्षकों की कमी पर छात्रों का प्रदर्शन।

    ऊधमपुर के घोरड़ी स्कूल में शिक्षकों की कमी पर छात्रों का प्रदर्शन

    HighLights

    1. घोरड़ी स्कूल में 17 पद खाली, पढ़ाई प्रभावित।

    2. एबीवीपी के नेतृत्व में छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन।

    3. रिक्त पद भरने और शिक्षकों को वापस भेजने की मांग।

    जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी का मुद्दा अब विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। शनिवार को सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल घोरड़ी के विद्यार्थियों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले स्कूल के बाहर धरना देकर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।

    विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से शिक्षकों और अन्य स्टाफ के पद खाली होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है और खासकर हायर सेकेंडरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी ऊधमपुर के पदाधिकारियों ने स्कूल में स्टाफ की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए बताया कि संस्थान में 17 पद खाली पड़े हैं, जबकि दो शिक्षक अन्य स्थानों पर अटैच हैं। संगठन ने शिक्षा विभाग से सभी रिक्त पदों को तत्काल भरने और अन्यत्र अटैच शिक्षकों को उनके मूल संस्थान में वापस भेजने की मांग की।

    एबीवीपी के अनुसार स्कूल में लेक्चरर के चार पद खाली हैं। इनमें अर्थशास्त्र, शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और गणित विषय शामिल हैं। इसके अलावा मास्टर ग्रेड के दो पद रिक्त हैं, जबकि एक शिक्षक अन्य स्थान पर अटैच है। टीचर के दो पद भी खाली बताए गए हैं, जिनमें ईवीएस और उर्दू विषय शामिल हैं। एक शिक्षक इस श्रेणी में भी अन्यत्र अटैच बताया गया है। इसके साथ ही स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नौ पद खाली पड़े हैं।

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    विद्यार्थियों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि हायर सेकेंडरी स्तर पर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, लेकिन संबंधित विषयों के लेक्चरर नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं करना चाहिए।

    विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना उनका अधिकार है

    एबीवीपी के प्रदेश सचिव सन्नक श्रीवत्स ने कहा कि सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल घोरड़ी में लगातार शिक्षकों की कमी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों का खामियाजा विद्यार्थियों को नहीं भुगतना चाहिए। शिक्षा विभाग को सभी खाली पदों को जल्द भरने के साथ-साथ अन्यत्र अटैच शिक्षकों को उनके मूल स्कूल में वापस भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना उनका अधिकार है।

    प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थी कृष्ण गुप्ता ने कहा कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं के साथ प्रत्येक विषय के शिक्षक चाहिए, विशेषकर हायर सेकेंडरी स्तर पर। लंबे समय से महत्वपूर्ण पद खाली रहने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    एबीवीपी ने शिक्षा विभाग से सभी रिक्त लेक्चरर, मास्टर ग्रेड, शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी के पदों को समयबद्ध तरीके से भरने की मांग की। संगठन ने स्कूल में विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात और कक्षा-वार विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर स्टाफ की आवश्यकता का आकलन करने की भी मांग उठाई।

    प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा। विद्यार्थियों ने शिक्षा विभाग से बिना किसी देरी के रिक्त पद भरकर स्कूल में पढ़ाई का माहौल सामान्य बनाने की मांग की।