'अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले ऐसा किया जाना चाहिए', संसदीय समिति ने जम्मू-कश्मीर का दौरा कर की सिफारिश
संसद की एक समिति ने जम्मू-कश्मीर के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए एक एकीकृत सुरक्षा और निगरानी ढांचा बनाने की सिफारिश की है। यह सिफारिश पिछले साल पह ...और पढ़ें
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संसदीय समिति ने अमरनाथ यात्रा को लेकर जारी की सिफारिश। फोटो जागरण
HighLights
पर्यटन स्थलों के लिए एकीकृत सुरक्षा और निगरानी ढांचा।
भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर आपातकालीन प्रतिक्रिया इकाई, एंबुलेंस।
पर्यटन सीजन, अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा ऑडिट।
एजेंसी, श्रीनगर। संसद की एक समिति ने जम्मू-कश्मीर के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए केंद्रीयकृत निगरानी सुविधाओं के साथ एक "एकीकृत सुरक्षा और निगरानी ढांचा" बनाने की सिफारिश की है।
गृह मामलों पर संसदीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सुरक्षा से जुड़ी किसी भी घटना पर तालमेल के साथ और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए हर पर्यटन मौसम से पहले अलग-अलग एजेंसियों के बीच स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया तय की जाए और उसकी समीक्षा की जाए।
यह सिफारिश पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम की खूबसूरत बैसरन घाटी में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद की गई है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। संसदीय समिति ने इसी साल 11 से 15 मई तक जम्मू, श्रीनगर, गुलमर्ग, सोनमर्ग और कारगिल का दौरा किया था।
इस दौरान समिति ने गुलमर्ग में सुरक्षा व्यवस्था का मौके पर जाकर जायजा लिया, सोनमर्ग में कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में पुलिस के प्रतिनिधियों से बातचीत की और भारतीय सेना के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के जरिये कारगिल में सीमा सुरक्षा व्यवस्था और आपरेशनल तैयारियों का आकलन किया।
जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए समिति ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। यह सुरक्षा की धारणा, पर्यटकों के अनुभव और पर्यटन क्षेत्र के विकास पर सीधा असर डालता है।
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संसदीय समिति की सिफारिशें
- -प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए एकीकृत सुरक्षा और निगरानी ढांचा विकसित किया जाए, जिसमें व्यापक सीसीटीवी कवरेज, केंद्रीयकृत निगरानी सुविधाएं, कमजोरियों का आकलन और समय-समय पर सुरक्षा आडिट शामिल हो।
- -ज्यादा भीड़-भाड़ वाले सभी पर्यटन स्थलों पर विशिष्ट आपातकालीन प्रतिक्रिया इकाई, जरूरी सुविधाओं से लैस एंबुलेंस, ट्रामा केयर सुविधाएं और स्पष्ट रूप से चिह्नित निकासी मार्ग उपलब्ध कराया जाए।
- -होटलों, परिवहन के बिंदुओं और पर्यटन सुविधाओं पर आपातकालीन संपर्क नंबर और सुरक्षा निर्देश कई भाषाओं में प्रमुखता से दिखाया जाना चाहिए।
- -सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों की पहचान करने और उनसे निपटने के लिए समय-समय पर संयुक्त सुरक्षा आडिट और कमजोरियों का आकलन किया जाना चाहिए। खासकर पर्यटन सीजन और अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले ऐसा किया जाना चाहिए।