धरना-भूख हड़ता लेकिन नहीं सुनी पुकार... बीएससी फॉरेस्ट्री छात्रों के प्रदर्शन का महबूबा मुफ्ती ने किया समर्थन
जम्मू-कश्मीर में बीएससी फॉरेस्ट्री के छात्र अपनी डिग्री को वन विभाग की भर्तियों में उचित मान्यता दिलाने के लिए 17 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
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बीएससी फॉरेस्ट्री छात्रों का 17 दिन का प्रदर्शन, 9 दिन की भूख हड़ताल जारी।
HighLights
बीएससी फॉरेस्ट्री छात्र 17 दिनों से कर रहे हैं प्रदर्शन
वन विभाग की भर्तियों में डिग्री मान्यता की है मांग
महबूबा मुफ्ती ने छात्रों के आंदोलन का किया समर्थन
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के जंगलों की हिफाजत का सपना लेकर वानिकी की पढ़ाई करने वाले छात्रों की आवाज अब सियासी गलियारों तक पहुंच गई है। बीएससी फॉरेस्ट्री के छात्र अपनी डिग्री को वन विभाग की भर्तियों में उचित मान्यता दिलाने की मांग को लेकर पिछले 17 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
आंदोलन के बीच 9 दिन से जारी भूख हड़ताल ने मामले को और गंभीर बना दिया है। इसके बावजूद छात्रों को सरकार की ओर से अब तक किसी ठोस जवाब का इंतजार है।
पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने किया समर्थन
ऐसे में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बीएससी फॉरेस्ट्री छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार से उनकी मांगों पर तत्काल गौर करने की अपील की है।
मुफ्ती ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि जम्मू-कश्मीर के फारेस्ट ग्रेजुएट अपनी बीएससी फॉरेस्ट्री डिग्री की वन विभाग की भर्ती में उचित मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से फॉरेस्टर और रेंज आफिसर पदों के लिए निर्धारित पात्रता मानदंड की समीक्षा करने की भी मांग की।
युवाओं की योग्यता को नजरअंदाज न करें: मजबूबा मुफ्ती
आंदोलनरत छात्र चाहते हैं कि भर्ती नियमों में बदलाव कर फॉरेस्ट्री डिग्रीधारकों के लिए उनके विषय के अनुरूप अवसर सुनिश्चित किए जाएं। महबूबा ने कहा कि जो युवा जंगलों की रक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण लेकर निकले हैं, उनकी योग्यता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की बात बिना किसी और देरी के सुनने की अपील की।
