कश्मीर की बदली फिजा से छटपटाए आतंकी! घाटी लौटते कश्मीरी हिंदुओं को डराने की कोशिश, इंटरनेट मीडिया पर दे रहे धमकियां
लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ने इंटरनेट मीडिया पर कश्मीरी हिंदुओं को निशाना बनाने की धमकी दी, जिसे सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों की हताशा मान रही हैं। आ ...और पढ़ें

आतंकी संगठन ULC ने कश्मीरी हिंदुओं को निशाना बनाने की चेतावनी दी। (फाइल फोटो)
HighLights
लश्कर के मुखौटा संगठन ने कश्मीरी हिंदुओं को इंटरनेट पर धमकी।
आतंकी हताशा में, चर्चा में रहने को गीदड़ भभकी दे रहे।
स्थानीय लोग आतंकियों के खिलाफ, सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं।
राज्य ब्यूरो, जागरण, जम्मू। दक्षिण कश्मीर में श्रमिकाें को निशाना बनाने के बाद जिस प्रकार से लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल ने विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं को निशाना बनाने की इंटरनेट मीडिया पर धमकी दी है, वे आतंकियों की हताशा के अतिरिक्त कुछ भी नहीं है।
अपने अस्तित्व के लिए जद्दोजहद कर रहे आतंकी संगठन चर्चा में बने रहने के लिए इंटरनेट मीडिया पर अपने फर्जी खातों से इस प्रकार की गीदड़ भभकी देते रहते हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इसके बाद सतर्क है और वे उनके किसी भी षड्यंत्र को विफल बनाने के लिए सजग नजर आ रही है।
कर्मचारियों में डर पैदा करने की फिर कोशिश
यह देखने में आया है कि पूर्व में भी आतंकी संगठनों ने सुरक्षाबलों का दबाब बनने के बाद कश्मीर में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नौकरी कर रहे कुछ कर्मचारियों की गोली मार कर हत्या कर दी थी। इस बार भी उन्होंने कुछ कर्मचारियों के नाम इंटरनेट मीडिया पर डालकर उनमें भय पैदा करने का प्रयास किया है।
आतंकी संगठन यह नहीं चाहते हैं कि विस्थापित कश्मीरी हिंदू परिवार वापस घाटी में लौटें। इस प्रकार की साजिशें उनमें भय उत्पन्न कर उन्हें आने से राेकती हैं। अच्छी बात यह है कि अब आतंकी संगठनों को स्थानीय लोगों का सहयोग नहीं मिलता। बीते कुछ वषों में जब भी आतंकियों ने किसी श्रमिक या फिर विस्थापित कश्मीरी हिंदू परिवार पर हमला किया है, उन्हें कश्मीर में ही विरोध का सामना करना पड़ा है।
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स्थानीय विरोध ने आतंकियों की बढ़ाई मुश्किल
स्थानीय लोगों को आतंकी संगठनों के खिलाफ सड़कों पर अब अक्सर उतरते हुए देखा जा सकता है। इस बार भी उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि अब कश्मीर की स्थिति पहले जैसी नहीं रही है। उनकी कोई भी गीदड़ धमकी किसी को भी कश्मीर से दूर नहीं कर सकती।
इंटरनेट मीडिया पर इस प्रकार के फर्जी खातों से धमकियां देने वालों से किसी को भी भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। अलवत्ता पुलिस सुरक्षाबलों के साथ हर व्यक्ति को सतर्क रहना चाहिए ताकि अगर कोई इन संगठनों के बहकावे में आकर हमला करने का कोई षड्यंत्र रचता भी है तो उसकी साजिश को विफल बनाया जा सके।