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सिलिंडर का झंझट खत्म, जम्मू-कश्मीर में अब रसोई तक पहुंचेगी पाइप वाली गैस; 20 जिलों के लिए CGD पॉलिसी 2026 अधिसूचित

By Naveen NawazEdited By: Dallu Slathia
Published: Thu, 08 Oct 2026 12:56 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पालिसी 2026 अधिसूचित की गई है, जिसके तहत सभी 20 जिलों में पीएनजी और सीएनजी ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में 20 जिलों तक पहुंचेगी पाइप से रसोई गैस। (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर में 20 जिलों तक पहुंचेगी पाइप से रसोई गैस। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जम्मू-कश्मीर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पालिसी 2026 अधिसूचित।

  2. सभी 20 जिलों में पीएनजी और सीएनजी नेटवर्क का विस्तार होगा।

  3. स्वच्छ ईंधन से घरों, उद्योगों और परिवहन को लाभ मिलेगा।

नवीन नवाज, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में स्वच्छ ईंधन के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने जम्मू-कश्मीर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) पालिसी-2026 अधिसूचित कर दी है। इसके तहत केंद्र शासित प्रदेश के सभी 20 जिलों में चरणबद्ध तरीके से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) का नेटवर्क विस्तार किया जाएगा। इससे घरों, दुकानों, उद्योगों और परिवहन क्षेत्र को पाइप से प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराने की तैयारी है।

नीति को कैबिनेट की मंजूरी के बाद अधिसूचित किया गया है। इसका मकसद स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ाने के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में ऊर्जा की उपलब्धता मजबूत करना और जम्मू-कश्मीर के गैस बुनियादी ढांचे को राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जोड़ना है। गुरदासपुर-जम्मू गैस पाइपलाइन इस विस्तार की अहम कड़ी होगी।

छह अप्रैल को गठित हुई थी हाई-पावर्ड कमेटी

सीजीडी नीति को अंतिम रूप देने और इसके क्रियान्वयन में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए सरकार ने 6 अप्रैल 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में यूटी-स्तरीय हाई-पावर्ड कमेटी गठित की थी। कमेटी में वित्त, लोक निर्माण (आरएंडबी), खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आवास एवं शहरी विकास, उद्योग एवं वाणिज्य, ग्रामीण विकास तथा श्रम एवं रोजगार विभागों के प्रशासनिक सचिव शामिल किए गए थे।

कमेटी को सीजीडी नीति को अंतिम रूप देने, सुधारों की निगरानी, विभागों के बीच समन्वय तथा परियोजनाओं की मंजूरी में तेजी लाने और अड़चनों को दूर करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

कठुआ, सांबा और पुलवामा के उद्योगों को प्राथमिकता

नीति में प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को गैस नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। कठुआ, सांबा और पुलवामा सहित औद्योगिक क्षेत्रों में गैस कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे उद्योगों को ईंधन के वैकल्पिक स्रोत के रूप में प्राकृतिक गैस उपलब्ध होगी।

सीएनजी स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। पाइपलाइन बिछाने के लिए राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से जुड़े नियमों को मानकीकृत करने के साथ परियोजनाओं के लिए सिंगल-विंडो और समयबद्ध मंजूरी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

उपभोक्ताओं को क्या फायदा

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पीएनजी से सिलेंडर आधारित एलपीजी पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा। पाइप से गैस मिलने पर सिलेंडर की बुकिंग, भंडारण और आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतें कम हो सकती हैं। हालांकि, उपभोक्ताओं को कितनी प्रत्यक्ष वित्तीय बचत होगी, यह स्थानीय गैस दर, एलपीजी कीमत और कनेक्शन शुल्क पर निर्भर करेगा। इसलिए नीति से निश्चित रुपये की बचत का दावा अभी करना उचित नहीं होगा।

सीएनजी के विस्तार से परिवहन क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल के स्थान पर प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल का विकल्प बढ़ेगा। सरकार के अनुसार, स्वच्छ ईंधन के बढ़ते उपयोग से वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।

उद्योगों की लागत घटने की उम्मीद

प्राकृतिक गैस की नियमित आपूर्ति से गैस आधारित उद्योगों को ईंधन प्रबंधन में सुविधा मिल सकती है। इससे उन इकाइयों के लिए परिचालन लागत में कमी की संभावना है जो वर्तमान में अपेक्षाकृत महंगे या अधिक प्रदूषण वाले ईंधनों पर निर्भर हैं। बेहतर गैस बुनियादी ढांचा निवेश के लिए भी अनुकूल माहौल तैयार कर सकता है।

सरकार के स्तर पर भी नीति का वित्तीय लाभ प्रत्यक्ष सब्सिडी के रूप में नहीं, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों, निवेश, रोजगार और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विस्तार से बढ़ने वाली आर्थिक गतिविधियों के रूप में देखने को मिलेगा। नीति के तहत सरकार को होने वाली किसी निश्चित वार्षिक राजस्व वृद्धि या उपभोक्ताओं की निश्चित बचत का आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है।

युवाओं के लिए रोजगार के अवसर

गैस पाइपलाइन, पीएनजी कनेक्शन और सीएनजी स्टेशन नेटवर्क के विस्तार से निर्माण, स्थापना, संचालन और रखरखाव से जुड़े काम बढ़ने की संभावना है। इसके साथ स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप और तकनीकी सेवाओं में रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नीति अधिसूचित होने पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री सतीश शर्मा और संबंधित विभाग को बधाई दी। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर में स्वच्छ और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।