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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर से आतंक का होगा खात्मा! अमित शाह ने दिल्ली में अधिकारियों संग की हाई-लेवल मीटिंग

By Agency Edited By: Prince Sharma
Updated: Wed, 05 Feb 2025 04:54 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के सफाए के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाई लेवल मीटिंग की। इस बैठक में सुरक्षा स्थिति का आकलन किया गया और आतंकवाद विर ...और पढ़ें

अमित शाह ने की हाई लेवल मीटिंग; DGP नलिन प्रभात सहित कई अधिकारी शामिल रहे (एजेंसी)
अमित शाह ने की हाई लेवल मीटिंग; DGP नलिन प्रभात सहित कई अधिकारी शामिल रहे (एजेंसी)

HighLights

  1. बैठक में अफसरों के बीच कॉर्डिनेशन के महत्व पर जोर दिया गया
  2. जम्मू-कश्मीर में आंतक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर फोकस
  3. बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और डीजीपी नलिन प्रभात भी मौजूद रहे

एएनआई, श्रीनगर। Jammu Kashmir News:  जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को हाई लेवल रिव्यू मीटिंग का आयोजन किया। इस मीटिंग में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति का आकलन किया गया और शाह ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ वार्ता की।

यह बैठक केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद विरोधी प्रयासों और शांति बनाए रखने के उपायों पर केंद्रित थी। बैठक में मौजूदा सुरक्षा स्थिति और चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान और खतरे को रोकने के लिए भविष्य की रूपरेखा शामिल थी।

दो घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में सुरक्षा एजेंसियों के बीच कॉर्डिनेशन के महत्व पर जोर दिया गया। घाटी में हाल ही में हुए सुरक्षा घटनाक्रम, जिसमें आतंकवादी समूहों और विद्रोही गतिविधियों द्वारा उत्पन्न कोई नई चुनौती भी चर्चा के प्रमुख मुद्दे थे।

मंगलवार को भी हुई थी बैठक

आज की बैठक लगातार दूसरी थी क्योंकि मंगलवार को गृह मंत्री की अध्यक्षता में सेना के अधिकारियों के साथ इसी तरह की बैठक हुई थी। बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात तथा क्षेत्र से संबंधित अन्य अधिकारी शामिल हुए। साथ ही बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन तथा खुफिया ब्यूरो के निदेशक भी मौजूद थे।

यह बैठक पिछले साल आयोजित इसी तरह की सुरक्षा समीक्षाओं की कड़ी के बाद हो रही है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने, सीमा पार से घुसपैठ का मुकाबला करने तथा क्षेत्र में विकास पहलुओं में तेजी लाने पर जोर दिया है।

आंतक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति

पिछली बैठकों में शाह ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया था तथा केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान किया था।

पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने आतंकवाद विरोधी उपायों को बढ़ाया है, आतंकी मॉड्यूलों को खत्म किया है तथा जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों को बढ़ाया है। हाल की घटनाओं, चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों तथा क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित करने के सरकार के प्रयासों के मद्देनजर सुरक्षा समीक्षा महत्वपूर्ण है।

बता दें कि वर्तमान में भी जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए सेना और पुलिस के जवानों ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया हुआ है। 

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