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    राजौरी में थमा पागल कुत्तों का आतंक, कोटरंका की दस पंचायतों में आज से खुलेंगे बंद स्कूल

    Updated: Wed, 12 Aug 2026 07:03 AM (IST)

    राजौरी के कोटरंका तहसील की दस पंचायतों में पागल कुत्तों के आतंक के कारण बंद किए गए स्कूल बुधवार से फिर से खुलेंगे। लगातार दो दिनों तक कुत्तों के काटने ...और पढ़ें

    राजौरी में थमा पागल कुत्तों का आतंक। फाइल फोटो

    राजौरी में थमा पागल कुत्तों का आतंक। फाइल फोटो

    HighLights

    1. कोटरंका की दस पंचायतों में स्कूल बुधवार से खुलेंगे।

    2. पागल कुत्तों के आतंक के कारण स्कूल बंद किए गए थे।

    3. दो दिन से कोई नया मामला न आने पर फैसला।

    जागरण संवाददाता, राजौरी। कोटरंका तहसील की दस पंचायतों में पिछले दिनों पागल कुत्तों के आतंक के कारण बंद किए गए स्कूलों को अब बुधवार से दोबारा खोलने का निर्णय लिया गया है। क्षेत्र में लगातार दो दिनों के दौरान पागल कुत्तों के काटने का कोई नया मामला सामने नहीं आने के बाद प्रशासन ने स्कूलों को खोलने का फैसला किया है। स्कूल खुलने से विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।

    जानकारी के अनुसार, कोटरंका तहसील के विभिन्न इलाकों में पागल कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए दस पंचायतों में स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया था। इन इलाकों में पागल कुत्तों ने करीब दस लोगों को काट लिया था, जिसके बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया था। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया था।

    बच्चों की सुरक्षा को लेकर लिया गया था फैसला

    पागल कुत्तों के हमलों की घटनाओं के बाद अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों के आसपास और रास्तों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी के कारण बच्चों के साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई थी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से संबंधित पंचायतों में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया था।

    प्रशासन के इस फैसले का उद्देश्य विद्यार्थियों को संभावित खतरे से बचाना और स्थिति सामान्य होने तक एहतियात बरतना था। स्कूल बंद रहने के दौरान संबंधित क्षेत्रों की स्थिति पर भी नजर रखी गई।

    दो दिन में नहीं आया कोई नया मामला

    प्रशासन के अनुसार, स्कूल बंद रखने के दौरान पिछले दो दिनों में पागल कुत्तों के किसी नए व्यक्ति को काटने की सूचना सामने नहीं आई। स्थिति में सुधार और किसी नई घटना की जानकारी नहीं मिलने के बाद प्रशासन ने स्कूलों को दोबारा खोलने का निर्णय लिया।

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    अतिरिक्त जिला आयुक्त कोटरंका दिल मीर चौधरी ने बताया कि सोमवार रात करीब दस बजे मंगलवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और पिछले दो दिनों में कुत्तों के काटने का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। ऐसे में बुधवार से स्कूलों को खोलने का निर्णय लिया गया है।

    उन्होंने कहा कि प्रशासन विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी नई घटना की स्थिति में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील

    स्कूल खुलने के बाद प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अभिभावकों से कहा गया है कि वे छोटे बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से बचें और रास्ते में आवारा या संदिग्ध व्यवहार करने वाले कुत्तों से दूरी बनाए रखने के लिए बच्चों को जागरूक करें।

    ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि यदि किसी क्षेत्र में पागल कुत्ता दिखाई देता है या किसी व्यक्ति पर हमला करने की कोशिश करता है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अथवा पुलिस अधिकारियों को दी जाए। समय पर सूचना मिलने से संभावित घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

    स्थिति पर प्रशासन की नजर

    प्रशासन की ओर से संबंधित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल कोई नया मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

    दस पंचायतों में दो दिनों तक स्कूल बंद रहने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह कदम बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर उठाया गया था। अब स्थिति सामान्य नजर आने के बाद शिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है।

    बुधवार से स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति में किसी भी बदलाव के अनुसार आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।