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मौसम बदला तो बढ़ी परेशानी! सुंदरबनी में बुखार, सूखी खांसी-जुकाम के मरीज बढ़े, OPD में लगी भीड़

Published: Fri, 28 Aug 2026 04:58 PM (IST)

मौसम में बदलाव के कारण सुंदरबनी में बुखार, सूखी खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है, जिससे ...और पढ़ें

सुंदरबनी में मौसम बदलते ही बढ़ा बीमारियों का प्रकोप। (फाइल फोटो)

सुंदरबनी में मौसम बदलते ही बढ़ा बीमारियों का प्रकोप (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सुंदरबनी में मौसम बदलने से बढ़े बुखार, खांसी के मरीज।

  2. अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि।

  3. चिकित्सकों ने सावधानी बरतने, बिना सलाह दवा न लेने की सलाह दी।

जागरण संवाददाता, सुंदरबनी। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में इन दिनों बड़ी संख्या में लोग बुखार, सूखी खांसी, जुकाम, गले में खराश और शरीर में कमजोरी जैसी शिकायतों से परेशान हैं। वायरल जैसे लक्षणों से पीड़ित मरीज उपचार के लिए अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जिसके चलते अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

सुबह से ही अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ देखने को मिल रही है। कई मरीजों में अचानक बुखार आने के साथ सूखी खांसी और जुकाम की शिकायत सामने आ रही है।

एक परिवार में कई लोग हो रहे बीमार

कुछ लोगों ने बताया कि शुरुआत में हल्का बुखार और गले में खराश होती है, जिसके बाद खांसी, नाक बहने और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। कई परिवारों में एक व्यक्ति के बीमार होने के बाद अन्य सदस्यों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई देने की बात सामने आ रही है।

मौसम में उतार-चढ़ाव को देखते हुए लोगों में भी स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। दिन में गर्मी और सुबह-शाम तापमान में बदलाव के कारण लोग सर्दी-जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल पहुंच रहे मरीजों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की संख्या शामिल है। ओपीडी में बढ़ती भीड़ के कारण मरीजों को अपनी बारी के लिए इंतजार भी करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों में बढ़ोतरी महसूस की जा रही है। हालांकि हर बुखार या खांसी को एक ही बीमारी से जोड़ना उचित नहीं है और इसके वास्तविक कारण की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकती है।

विशेष सावधानी बरतने की सलाह

चिकित्सकों ने लोगों को मौसम के बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, पौष्टिक भोजन लेने और पर्याप्त आराम करने के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील की गई है। खांसी-जुकाम या बुखार से पीड़ित लोगों को दूसरों के बेहद करीब जाने से बचने और खांसते-छींकते समय मुंह एवं नाक ढकने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। सामान्य लक्षण होने पर भी यदि बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या मरीज की हालत बिगड़ने लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग से भी लोगों ने अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध करवाने और ओपीडी में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बदलते मौसम के दौरान स्वास्थ्य विभाग को जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देनी चाहिए।

फिलहाल क्षेत्र में बुखार, सूखी खांसी और जुकाम की शिकायतों के चलते अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। चिकित्सकों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है।

बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी की जरूरत

बीएमओ सुंदरबनी डॉ. मीना कुमारी ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इन दिनों अस्पताल में आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्हें बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश और शरीर में कमजोरी की शिकायत है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और लोगों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

डॉ. मीना कुमारी ने बताया कि कई मरीजों में पहले हल्का बुखार दिखाई देता है और इसके बाद खांसी, जुकाम तथा शरीर में दर्द जैसी शिकायतें सामने आती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार या खांसी के लक्षण हैं तो वह समय पर चिकित्सकीय सलाह ले और बीमारी को नजरअंदाज न करे।