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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजौरी में सेना पर हमले की साजिश नाकाम, हथियारों का जखीरा बरामद; जानें क्या था आतंकियों का प्लान

Updated: Fri, 14 Feb 2025 10:43 AM (IST)

राजौरी में एलओसी पर आतंकियों का बड़ा षड्यंत्र नाकाम हो गया है। सेना के जवानों ने एंटी टैंक माइन सहित अन्य सामान बरामद किया है। सेना की सतर्कता से बड़ा ...और पढ़ें

राजौरी में अखनूर दोहराने का बड़ा षड्यंत्र हुआ नाकाम।
राजौरी में अखनूर दोहराने का बड़ा षड्यंत्र हुआ नाकाम।

HighLights

  1. चार एंटी पर्सनल माइन, छर्रे, फावड़े, रस्सी और कुछ अन्य सामान भी किया बरामद
  2. अखनूर में एलओसी पर हुए आइईडी धमाके में कैप्टन व नायक हुए थे बलिदान

जागरण संवाददाता, राजौरी। जम्मू जिला के अखनूर में एलओसी पर दो दिन पहले हुए आइईडी विस्फोट को राजौरी सीमा पर दोहराने का आतंकियों का बड़ा षड्यंत्र नाकाम हो गया है।

राजौरी में एलओसी पर सेना के जवानों को निशाना बनाने के लिए आतंकियों द्वारा लगाई गई एंटी टैंक माइन बरामद की गई है। इसके साथ जवानों ने चार एंटीपर्सनल माइन, छर्रे, फावड़े, रस्सी और कुछ अन्य सामान भी बरामद किया है।

सेना को बड़ा नुकसान पहुंचाने की थी योजना

सूत्रों के अनुसार, बुधवार को आतंकियों ने राजौरी व पुंछ जिला के मध्य पड़ते तरकुंडी सेक्टर में भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ का प्रयास किया था। आतंकियों ने एंटी टैंक माइन को भारतीय क्षेत्र में फिट करना था, ताकि जैसे ही जवान इस माइन के ऊपर से गुजरें तो उसमें विस्फोट हो और सेना को बड़ा नुकसान पहुंचाया जाए। इस षड्यंत्र के तहत सीमा पार से जैसे ही भारतीय सेना के जवानों पर गोलीबारी हुई, उसी समय आतंकी भी भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने का प्रयास करने लगे।

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इसपर पहले से सतर्क भारतीय सेना के जवानों की उचित कार्रवाई के चलते आतंकियों को अपने साथ लाए एंटी टैंक माइन सहित अन्य सामान को वहीं फेंककर अपनी जान बचाने के लिए वापस भागना पड़ा। इस घटना के बाद गुरुवार को सेना के जवानों ने एलओसी के पास तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान जवानों ने एक एंटी टैंक माइन के साथ अन्य सामान बरामद किया।

सेना की सतर्कता से टला बड़ा नुकसान

सेना की सतर्कता से बड़ा नुकसान होने से टल गया। फिलहाल, तरकुंडी सेक्टर में सेना का तलाशी अभियान लगातार जारी है। बता दें कि जिला जम्मू के अखनूर सेक्टर में गत मंगलवार को हुए आइईडी विस्फोट में सेना के कैप्टन करमजीत सिंह बख्शी और नायक मुकेश सिंह मन्हास बलिदान हो गए थे और एक अग्निवीर नमन सिंह घायल हुआ था।

सूत्रों के अनुसार, अखूनर में भी आतंकियों ने सेना के जवानों को निशाना बनाने के लिए तारबंदी के पास आइईडी लगाई थी। अखनूर और राजौरी में एलओसी के पास आतंकियों के इस षड्यंत्र में पाकिस्तानी सेना का भी पूरा सहयोग था, क्योंकि उसके बिना तारबंदी के पास ऐसा संभव नहीं है।

सीमा पर संघर्ष विराम बरकरार

सेना ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में सीमा पर संघर्ष विराम बरकरार है। दोनों ओर की सेनाएं समझौते के तहत संघर्ष विराम का पालन कर रही है। नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की कुछ छिटपुट घटनाओं व हमारे जवानों के पेट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध आइईडी विस्फोट से तनाव पैदा होने पर दोनों सेनाएं तय प्रक्रिया के तहत इस मामले को निपटाती हैं।

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