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सुंदरबनी पहुंचा बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा का चौथा जत्था, 1186 श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा से भव्य स्वागत, गूंजे जयकारे

Published: Thu, 20 Aug 2026 03:24 PM (IST)

बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा के चौथे जत्थे में 1186 श्रद्धालुओं का सुंदरबनी पहुंचने पर स्थानीय लोगों और प्रशासन ने पुष्पवर्षा ...और पढ़ें

बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा।(फाइल फोटो)

बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा(फाइल फोटो)

HighLights

  1. बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा का चौथा जत्था सुंदरबनी पहुंचा।

  2. 1186 श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा और जयकारों से भव्य स्वागत।

  3. स्थानीय लोगों ने भोजन, पानी सहित सभी सुविधाएं प्रदान कीं।

जागरण संवाददाता, सुंदरबनी। बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा के चौथे जत्थे का सुंदरबनी पहुंचने पर श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए स्थानीय धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के साथ-साथ प्रशासन और स्थानीय लोगों ने विशेष प्रबंध किए।

चौथे जत्थे में कुल 1186 श्रद्धालु शामिल रहे। इनमें 818 पुरुष, 330 महिलाएं, 27 बच्चे तथा 11 साधु-संत शामिल हैं। श्रद्धालुओं के सुंदरबनी पहुंचने पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया और बाबा बुढ़ा अमरनाथ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि बाबा बुढ़ा अमरनाथ के दर्शन उनके लिए आस्था और आध्यात्मिक अनुभूति का विषय हैं। उन्होंने यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों की ओर से किए जा रहे स्वागत और सेवा कार्यों की सराहना की।

भोजन, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था

श्रद्धालुओं ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की धरती पर धार्मिक यात्राओं के दौरान जिस प्रकार स्थानीय लोग सेवा, सहयोग और भाईचारे की मिसाल पेश करते हैं, वह बेहद प्रेरणादायक है। सुंदरबनी में श्रद्धालुओं के लिए जलपान, भोजन, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।

स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर सेवा कार्यों में भाग लेते हुए यात्रियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया। साधु-संतों का भी विशेष सम्मान किया गया।

जम्मू-कश्मीर की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में से एक

गौरतलब है कि बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में से एक है। हर वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए इस यात्रा में शामिल होते हैं। यात्रा के दौरान सुंदरबनी क्षेत्र श्रद्धालुओं के स्वागत और सेवा का महत्वपूर्ण पड़ाव बनता है।