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रक्षाबंधन के दिन LoC पर 3 पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ की कोशिश नाकाम, भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद वापस लौटे

Published: Fri, 28 Aug 2026 07:19 PM (IST)

भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तीन संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोनों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया।

एलओसी पर तीन संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ की कोशिश नाकाम। फाइल फोटो

एलओसी पर तीन संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ की कोशिश नाकाम। फाइल फोटो

HighLights

  1. भारतीय सेना ने राजौरी एलओसी पर ड्रोन घुसपैठ रोकी।

  2. नौशहरा सेक्टर में तीन संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए।

  3. सेना की जवाबी कार्रवाई से ड्रोन वापस लौटने पर मजबूर हुए।

जागरण संवाददाता, राजौरी। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना ने संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया।

नौशहरा सेक्टर के रूमलीधारा क्षेत्र में तीन संदिग्ध ड्रोन भारतीय क्षेत्र की ओर आते देखे गए, जिसके बाद सीमा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की। सेना की प्रभावी काउंटर-ड्रोन कार्रवाई के बाद तीनों ड्रोन को नियंत्रण रेखा पार कर वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, नौशहरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के नजदीक स्थित रूमलीधारा क्षेत्र में संदिग्ध हवाई गतिविधि देखे जाने के बाद सेना पूरी तरह सतर्क हो गई। जवानों ने तीन ड्रोन को भारतीय हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ते हुए देखा। ड्रोन की गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर तैनात सैनिकों ने तत्काल निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत कार्रवाई शुरू की।

भारतीय सेना की ओर से ड्रोन के खिलाफ प्रभावी जवाबी कदम उठाए गए। सेना की त्वरित कार्रवाई और कड़ी चुनौती के बाद संदिग्ध ड्रोन भारतीय क्षेत्र में आगे बढ़ने में सफल नहीं हो सके और उन्हें वापस नियंत्रण रेखा के पार लौटना पड़ा। घटना के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई तथा जवानों द्वारा पूरे इलाके में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

एलओसी के नजदीकी क्षेत्रों में ड्रोन गतिविधियों को सुरक्षा एजेंसियां गंभीर चुनौती के रूप में देखती हैं। ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल सीमावर्ती इलाकों की निगरानी करने, सुरक्षा प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटाने या अन्य संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने के प्रयास के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इस मामले में ड्रोन के उद्देश्य को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

घटना ने एक बार फिर राजौरी जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की सतर्कता को उजागर किया है। नियंत्रण रेखा पर तैनात भारतीय सेना के जवान लगातार संभावित घुसपैठ और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। आधुनिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सेना द्वारा हवाई निगरानी और काउंटर-ड्रोन क्षमता को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है।

नौशहरा सेक्टर लंबे समय से सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल रहा है। एलओसी के नजदीक होने के कारण यहां सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए हाई अलर्ट पर रहती हैं। सीमा पर जवान दिन-रात निगरानी करते हुए संभावित घुसपैठ की कोशिशों और हवाई गतिविधियों को रोकने के लिए तैनात हैं।

तीन संदिग्ध ड्रोन के एक साथ दिखाई देने की घटना के बाद संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र में निगरानी और बढ़ा दी है। सीमावर्ती इलाकों में जवानों को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

भारतीय सेना की त्वरित कार्रवाई से संदिग्ध ड्रोन भारतीय क्षेत्र में किसी भी तरह की गतिविधि को अंजाम देने में सफल नहीं हो सके। सेना की चौकसी और प्रभावी जवाबी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि नियंत्रण रेखा पर तैनात जवान किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

फिलहाल, सीमा क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सुरक्षा बल नियंत्रण रेखा के साथ-साथ आसपास के संवेदनशील इलाकों में चौबीसों घंटे सतर्क हैं। अधिकारियों की ओर से मामले से संबंधित अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

नौशहरा सेक्टर में संदिग्ध ड्रोन की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किए जाने की घटना ने एक बार फिर एलओसी पर भारतीय सेना की मजबूत निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को सामने लाया है। सीमा पर तैनात जवान लगातार देश की सुरक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए हर संभावित चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।