हर साल किसानों की जमीन निगल रहा तरनाह नाला, जम्मू-कश्मीर में भूमि कटाव से लोग परेशान
हीरानगर उपमंडल में तरनाह नाले की बाढ़ से हर साल किसानों की उपजाऊ भूमि का कटाव हो रहा है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों की हर साल निगल रहा तरनाह नाला जमीन।
HighLights
तरनाह नाले से हर साल किसानों की भूमि का कटाव
कई गांवों में दर्जनों कनाल उपजाऊ जमीन का नुकसान
बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 2.25 करोड़ के टेंडर जारी किए
संवाद सहयोगी, हीरानगर। उपमंडल में बहने वाले तरनाह नाले में बाढ़ का पानी हर साल किसानों के लिए मुसीबत बन रहा है। तेज बहाव के कारण नाले के किनारों पर होने वाले भूमि कटाव से किसानों की उपजाऊ जमीन लगातार कम हो रही है। इस बार भी पक्का कोठा, पलाई, छपाकी, मथुराचक, कुंथल, मुरली चक सहित आसपास के गांवों में करीब दर्जनों कनाल भूमि के कटाव का अनुमान है।
गौर हो कि बरसात का मौसम अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है, ऐसे में ग्रामीणों को नाले में दोबारा बाढ़ आने और अधिक भूमि कटाव का खतरा सता रहा है। क्षेत्र निवासी गुलाम दीन, सादिक, तिलक राज, जगदीश चिब सहित अन्य लोगों ने बताया कि तरनाह नाले में जब भी बाढ़ आती है, तेज बहाव के कारण नाले के किनारे की जमीन कटकर पानी में समा जाती है।
हर साल होने वाले इस कटाव के कारण किसानों की जमीन का रकबा भी लगातार घट रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटाव प्रभावित स्थानों पर मजबूत सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो आने वाले समय में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने बाढ़ नियंत्रण विभाग से नाले के संवेदनशील स्थानों पर स्थायी सुरक्षा उपाय करने और क्रेट भरवाने के काम में तेजी लाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ के बाद अस्थायी मरम्मत पर निर्भर रहने के बजाय ऐसे स्थानों की पहचान कर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, जहां लगातार भूमि कटाव हो रहा है।
कटाव रोकने के लिए 2.25 करोड़ का टेंडर
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार तरनाह नाले में बाढ़ से बचाव और कटाव रोकने के लिए करीब 2.25 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर लगाए गए हैं। विभिन्न स्थानों पर क्रेट भरवाने का काम जारी है।
विभाग के एईई ललित कुमार के अनुसार कुंथल में करीब 15 प्रतिशत, पक्का कोठा में 50 प्रतिशत और पलाई में करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। विभाग का कहना है कि इस बार भी तरनाह नाले में कई स्थानों पर भूमि कटाव हुआ है, जिसकी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कार्यों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त फंड की मांग की गई है। विभाग के अनुसार फंड उपलब्ध होते ही शेष कार्यों को गति देकर जल्द पूरा किया जाएगा।
