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बस... अब साफ आ रहा! याद है टीवी के एंटीना वाला वो दौर, कठुआ के इस शख्स ने 55 साल बाद भी संभालकर रखी है ये निशानी

Published: Thu, 27 Aug 2026 04:18 PM (IST)

कठुआ के हीरानगर में भारत भूषण के घर की छत पर लगा 55 साल पुराना टीवी एंटीना आज भी बीते ...और पढ़ें

कठुआ में आज भी छत की शान है टीवी का पुराना एंटीना।

कठुआ में आज भी छत की शान है टीवी का पुराना एंटीना

HighLights

  1. हीरानगर में 55 साल पुराना टीवी एंटीना आज भी मौजूद।

  2. भारत भूषण के पिता ने 1972 में लगवाया था यह एंटीना।

  3. तकनीकी विरासत और पारिवारिक यादों का जीवंत प्रतीक है।

जागरण संवाददाता, हीरानगर:तकनीक के इस आधुनिक दौर में जहां छतों से पुराने टीवी एंटीना लगभग गायब हो चुके हैं, वहीं कठुआ के हीरानगर के भारत भूषण के घर की छत पर लगा करीब 55 वर्ष पुराना टीवी एंटीना आज भी बीते दौर की यादें ताजा कर देता है।

यह वही एंटीना है, जिसे उनके पिता ने 1972 में बड़े उत्साह के साथ लगवाया था। समय बदला, ब्लैक एंड व्हाइट टीवी की जगह रंगीन टीवी, फिर केबल, डीटीएच और अब इंटरनेट आधारित स्मार्ट टीवी ने ले ली, लेकिन इस एंटीना को परिवार ने आज तक नहीं हटाया।

उस दौर में घर पर टीवी होना ही बड़ी बात

भारत भूषण बताते हैं कि उस समय टीवी और एंटीना किसी भी घर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माने जाते थे। दूरदर्शन के सीमित प्रसारण के बावजूद लोग समाचार, फिल्में और राष्ट्रीय कार्यक्रम देखने के लिए उनके घर पहुंच जाते थे। कई बार तस्वीर साफ करने के लिए कोई छत पर एंटीना घुमाता था तो नीचे से आवाज लगाई जाती थी- 'बस... बस... अब साफ आ रहा है।'

55 साल से धूप-बारिश झेल रहा एंटीना

उस दौर की यह याद आज भी लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला देती है। वर्षों से धूप, बारिश और आंधियों का सामना करने के बावजूद यह लोहे का एंटीना आज भी मजबूती से छत पर खड़ा है। भारत भूषण ने इसे किसी कबाड़ की तरह हटाने के बजाय अपने पिता की निशानी और उस दौर की तकनीकी विरासत के रूप में संभाल कर रखा है।

नए मकान की छत पर भी सजेगा 1972 का एंटीना

उनका कहना है कि अब उसने रहने के लिए नया मकान बनवाया है। इस एंटीना को भी वह नए मकान की छत पर लगाएंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एंटीना केवल लोहे का ढांचा नहीं, बल्कि उस समय की जीवनशैली, तकनीकी विकास और पारिवारिक यादों का प्रतीक है।

आज जब नई तकनीक हर कुछ वर्षों में पुरानी हो जाती है, तब 1972का यह एंटीना आने वाली पीढ़ियों को उस दौर की कहानी बयां करता नजर आता है।