जम्मू के हीरानगर में मूसलाधार बारिश से थमी रफ्तार, फसलें डूबीं और बिजली गुल, कंडी से सीमावर्ती इलाकों तक असर
जम्मू में लगातार बारिश से हीरानगर उपमंडल में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे नालों में जलस्तर बढ़ा, खेतों में धान की फसल डूब गई और बिजली आपूर्ति ब ...और पढ़ें

कूटा सैडा मार्ग पर बेला नाले में आई बाढ से संपर्क टूटा|
HighLights
लगातार बारिश से हीरानगर में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ।
खेतों में धान की फसल पानी में डूबी, किसानों को चिंता।
कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित, सड़कें भी अवरुद्ध हुईं।
जागरण संवाददाता, हीरानगर। जम्मू में कई जगह रात से लगातार बारिश हो रही है। इसी के चलते हीरानगर उपमंडल में जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर हो गया है। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र से होकर गुजरने वाले अधिकांश छोटे-बड़े नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ गया और कई नाले उफान पर आ गए।
निचले इलाकों में जलभराव होने से खेतों में खड़ी धान की फसल पानी में डूब गई है। वहीं, कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने से बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा और घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही।
कंडी से सीमावर्ती इलाकों तक आवाजाही प्रभावित
कूटा-सैडा मार्ग पर बेला नाले में बाढ़ आने से एक बार फिर कंडी क्षेत्र के दर्जनों गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया। पिछले वर्ष स्लैब टूटने के बाद से वाहन नाले के बीच से होकर गुजर रहे थे, लेकिन मंगलवार को नाले में जलस्तर बढ़ने के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। इससे कंडी क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी तरह हीरानगर-जंगी चक मार्ग पर बहने वाले नाले में भी पानी का स्तर बढ़ने से वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इसका सीधा असर सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों पर पड़ा, जिन्हें उपमंडल कार्यालय सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए हीरानगर पहुंचने में परेशानी हुई। स्कूली वाहनों को भी मुख्य मार्ग के बजाय वाया सन्याल होकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
सड़कों पर जमा हुआ पानी, गड्ढों ने बढ़ाई परेशानी
बारिश के कारण चकड़ा-छन्न, टांडा, मनियारी और बलासा खू मार्गों की हालत भी खराब हो गई। सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। कई स्थानों पर सड़क किनारे पानी जमा होने से आवागमन भी प्रभावित रहा। हालांकि खराब मौसम के बावजूद बीआरओ के मजदूर कई स्थानों पर मार्ग को दुरुस्त करने और यातायात सुचारु रखने के लिए काम में जुटे रहे।
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बारिश और तेज बहाव का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। सीमावर्ती क्षेत्र में बीएसएफ की 11 केवी लाइन के साथ-साथ लडवाल और नौनी क्षेत्र में बिजली के खंभे गिरने से कई घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली विभाग के कर्मचारी क्षतिग्रस्त ढांचे को ठीक कर आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे।
खेतों में पानी जमा होने से धान की फसल प्रभावित
लगातार बारिश से कुंथल और तरनाह नाले के साथ लगते गंगू चक, चक चंगा, गुज्जर चक, पानसर और रठुआ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। खेतों में पानी जमा होने से धान की खड़ी फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि यदि पानी की निकासी जल्द नहीं हुई तो फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है। निचले क्षेत्रों में कई खेतों में फसल पूरी तरह पानी में डूबी नजर आई।
समाचार लिखे जाने तक तरनाह नाले के साथ-साथ भाग नाले में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सीमावर्ती और निचले क्षेत्रों के लोगों में चिंता बनी हुई थी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से संवेदनशील मार्गों और नालों पर निगरानी बढ़ाने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में जल्द पानी की निकासी करवाने की मांग की है।