जम्मू-कश्मीर: कठुआ में 10 घंटे बाद बहाल हुआ बनी बसहोली सड़क मार्ग, भूस्खलन की वजह से हो गया था बंद
बनी-बसहोली सड़क मार्ग पर टिकरी के पास भूस्खलन के कारण करीब नौ घंटे तक यातायात बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। विभाग ने जेसीबी की मदद स ...और पढ़ें

दास घंटे बाद बहाल हुआ बनी बसहोली सड़क मार्ग।
HighLights
बनी-बसहोली सड़क पर टिकरी के पास भूस्खलन हुआ।
करीब नौ घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
जेसीबी से मलबा हटाकर मार्ग यातायात के लिए खुला।
संवाद सहयोगी, जागरण बनी। पहाड़ी क्षेत्र बनी में लगातार भूस्खलन के चलते आए दिन सड़क मार्ग बंद होने की समस्या बनी रहती है। मंगलवार को भी बनी बसोहली सड़क मार्ग पर टिकरी के समीप अचानक हुए भूस्खलन के कारण करीब नौ घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
खास बात यह रही कि भूस्खलन के समय बारिश भी नहीं हो रही थी, बावजूद इसके पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरने से मार्ग दोनों तरफ से बंद हो गया। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब चार बजे टिकरी के नजदीक अचानक जोरदार भूस्खलन हुआ।
देखते ही देखते सड़क पर बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया, जिससे बनी और बसहोली की ओर जाने वाला यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मार्ग बंद होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ स्कूली बच्चों, सरकारी कर्मचारियों और मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़क बंद होने की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरने के कारण मलबा हटाने में कर्मचारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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कई घंटे तक लगातार काम करने के बाद आखिरकार करीब दोपहर दो बजे सड़क मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बनी बसहोली सड़क क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं।
मार्ग के बार-बार बंद होने से लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने संबंधित विभाग से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा दीवारें, नालियों और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है, ताकि भविष्य में भूस्खलन के कारण यातायात बाधित न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में बिना बारिश के भी भूस्खलन होना चिंता का विषय है। ऐसे में सड़क के संवेदनशील हिस्सों की नियमित निगरानी और स्थायी समाधान की आवश्यकता है।