विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

टॉक्सिन कैडमियम क्या होता है, जिसने राजौरी में ली 17 लोगों की जान; जापान में भी मचा था मौत का तांडव

Updated: Fri, 24 Jan 2025 02:48 PM (IST)

Mysterious Death in Rajouri जम्मू-कश्मीर में राजौरी के बडाल गांव में रहस्यमयी बीमारी का खुलासा हुआ है। मौतों का कारण संक्रमण या वायरस नहीं बल्कि टॉक्स ...और पढ़ें

क्या होता है टॉक्सिन कैडियम, अब तक 17 लोगों की मौत (फाइल फोटो)
क्या होता है टॉक्सिन कैडियम, अब तक 17 लोगों की मौत (फाइल फोटो)

HighLights

  1. राजौरी के बडाल में 48 दिन में 13 बच्चों सहित 17 लोगों की मौत हो चुकी हैं
  2. कैडमियम एक अत्याधिक विषैली धातु होती है, जो शरीर में गंभीर रोगों का कारण बनता है
  3. घटना की जांच के लिए एसआईटी ने करीब 100 से ज्यादा लोगों से की पूछताछ

जागरण संवाददाता, जम्मू। Mysterious Death in Rajouri: राजौरी के बडाल गांव में रहस्यमयी बीमारी से पर्दा उठ चुका है। मौता का कारण संक्रमण या वायरस नहीं बल्कि टॉक्सिन कैडियम है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि लखनऊ स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टॉक्सीकॉलोजी रिसर्च के वैज्ञानिकों ने मृतकों के शरीर में कैडमियम नाम का टॉक्सिन होने की रिपोर्ट दी है।

राजौरी जिला के बडाल गांव में सात दिसंबर 2024 से अब तक करीब 48 दिन में 13 बच्चों सहित 17 लोगों की मौत हो चुकी हैं। ये सभी मौतें गांव में तीन परिवारों में ही होने के कारण कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। इन परिवारों से संबंधित 38 अन्य लोग भी टॉक्सिन से प्रभावित हुए हैं।

अत्याधिक विषैली धातु है कैडमियम 

कैडमियम एक अत्याधिक विषैली धातु होती है, जो शरीर में प्रवेश करने के बाद कई गंभीर रोगों का कारण बन सकती है। दूषित भोजन करने, गंदा पानी पीने, प्रदूषित वातावरण में सांस लेने से लोग कैडमियम के संपर्क में आ सकते हैं।

कैडमियम युक्त इलेक्ट्रानिक, विद्युत अपशिष्ट, खिलौने, आभूषण व प्लास्टिक की रिसाइकलिंग से भी प्वाइजनिंग हो सकती है। अब यह जांच का विषय है कि कैडमियम प्राकृतिक कारणों से या मानवीय कारणों से बडाल में मारे गए लोगों के शरीरों तक पहुंचा था।

यह भी पढ़ें- राजौरी में जारी है रहस्यमयी बीमारी का तांडव, 24 घंटे में 5 और बीमार; संपर्क में आए 60 लोग क्वारंटाइन

बता दें कि जापान के टोयामा प्रांत में वर्ष 1912 में कैडमियम प्वाइजनिंग से कई मौतें हुई थीं। जापान में इस बीमारी का नाम इटाई-इटाई था। तब नदी का पानी व मिट्टी खदानों से निकली भारी धातुओं से दूषित हो गया था। इस दूषित पानी ने चावल के खेतों को प्रदूषित किया। इससे लोगों में लंबे समय तक कैडमियम का प्रभाव बना रहा था।

100 लोगों से पूछताछ

राजौरी जिले के बडाल गांव में अब तक 17 मौतें हो चुकी हैं और अभी भी लोगों के बीमार होने की खबरें लगातार आ रही हैं। घटना की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) करीब 100 से ज्यादा लोगों से भी पूछताछ की है।

7 दिसंबर से 19 जनवरी के बीच गांव में एक-दूसरे से जुड़े तीन परिवारों के सत्रह लोगों की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्थानीय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ-साथ नेशनल सेंटर फॉर डिजीज भी शामिल है। 

यह भी पढ़ें- 17 की मौत, 200 से ज्यादा लोग क्वारंटाइन और पूरे गांव में दहशत; राजौरी में सुलझ गया 'रहस्यमयी बीमारी' का रहस्य