Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jammu News: जम्मू की जमीन में डेरा डाल रहे विदेशी कौए, सर्दियां बिताने आए दो हजार पक्षी

    Updated: Fri, 19 Jan 2024 01:35 PM (IST)

    सर्दियां बिताने के लिए दो हजार कपटी कौओं (रूक) ने जम्मू के सीमांत क्षेत्र में डेरा डाल लिया है। काले चमकदार रंग के इन पक्षियों की खास बात यह है कि उनक ...और पढ़ें

    जम्मू की जमीन में डेरा डाल रहे विदेशी कौए, सर्दियां बिताने आए दो हजार कपटी पक्षी
    जम्मू की जमीन में डेरा डाल रहे विदेशी कौए, सर्दियां बिताने आए दो हजार कपटी पक्षी

    HighLights

    1. सर्दियां गुजारने विदेशों से सीमांत धरती पर आए दो हजार कपटी कौए
    2. आरएस पुरा, अरनिया में देखे जा रहे कौए
    3. जमीन के अंदर दाने, कीट बने पक्षियों की खुराक

    जागरण संवाददाता, जम्मू। Jammu News: सर्दियां बिताने के लिए दो हजार कपटी कौओं (रूक) ने जम्मू के सीमांत क्षेत्र में डेरा डाल लिया है। काले चमकदार रंग के इन पक्षियों की खास बात यह है कि उनकी चोंच सिलेटी रंग की होती है।

    आम लोग इसे पहाड़ी कौआ समझते हैं। लेकिन यह आम नहीं है। इनके बारे में कहा जाता है कि यह अफगानिस्तान व आसपास के क्षेत्र से भारत की ओर प्रवास करते हैं और चुनिंदा जगहों पर ही पहुंचते हैं।

    आरएस पुरा, अरनिया में देखे जा रहे कौए

    इन दिनों कपटी कौए आरएस पुरा, अरनिया के सीमांत क्षेत्रों में देखे जा रहे हैं। इनमें खास बात यह भी है कि यह झुंड में ही रहते हैं और खेत खलिहान में इनको देखा जा सकता है।

    काले रंगे के कारण दूस से ही इनके झुंड दिख जाते हैं। गांव के लोगों का कहना है कि दिसंबर माह में यह पक्षी सीमांत भूमि पर नजर आना शुरू हो जाते हैं और फिर फरवरी माह के अंत तक यहीं जगह बदल बदल कर बने रहते हैं। इनके तीन चार झुंड सीमांत क्षेत्र में प्रवास कर रहे हैं।

    जमीन के अंदर दाने, कीट बने पक्षियों की खुराक

    पक्षियों पर नजर रखे रही रितिका ने बताया कि जम्मू के निचले क्षेत्रों में पक्षियों के खाने के लिए बहुत कुछ है। जमीन के अंदर दाने, कीट सब इसकी खुराक है। इसलिए यहां आने पर इनको जमीन से खुराक निकालकर खाते देखा जा सकता है। यह पक्षी अपने ही झुंड में रहते हैं और एक से दूसरे खेत की ओर उड़ कर बैठते हैं। इस दौरान इन शोर खूब सुना जा सकता है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास मिली 15 फीट गहरी संदिग्ध सुरंग, खोजी कुत्तों और ड्रोन से ली गई तलाशी; सुरक्षाबलों ने चलाया तलाशी अभियान

    दूर देशों से उड़ कर जम्मू-कश्मीर आ रहे कौए

    वहीं हरिपुर के किसान ने बताया कि वह तो समझते थे कि यह पहाड़ी कौए हैं जोकि ठंड पड़ते ही पहाड़ों से मैदानों की ओर आ जाते हैं। लेकिन अब पता चला कि यह मेहमान पक्षियों को दूर देशों से उड़कर यहां पर आते हैं और यह जानकार वह हैरान है। इन पक्षियों के बारे में और बहुत कुछ जानने के लिए वह अब उत्सुक हैं।

    यह भी पढ़ें- कश्मीर के मंदिरों में लगे प्रोजेक्टर, प्राण प्रतिष्ठा का होगा सीधा प्रसारण; धार्मिक समारोह में उमड़ेंगे हजारों श्रद्धालु