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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jammu: लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर रहे दो ओवरग्राउंड वर्करों की संपत्ती जब्त, NIA की विशेष अदालत ने दिए निर्देश

By rohit jandiyalEdited By: Shoyeb Ahmed
Updated: Tue, 14 Nov 2023 11:46 PM (IST)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकियों के खिलाफ अपने अभियान को जारी कर रखा है। ऐसे में एनआईए की विशेष अदालत के निर्देशों पर लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम ...और पढ़ें

लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर रहे दो ओवरग्राउंड वर्कर की संपत्तियां जब्त (फाइल फोटो)
लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर रहे दो ओवरग्राउंड वर्कर की संपत्तियां जब्त (फाइल फोटो)

HighLights

  1. आतंकी नवीद जट्ट को पुलिस हिरासत से भगाने में मदद करने का दोनों पर है आरोप
  2. एनआई की विशेष अदालत के निर्देशों पर दोनों वर्कर की संपत्ती की गई जब्त

राज्य ब्यूरो, जम्मू। NIA Seized Property Of Lashkar E Taiba Overground Workers: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकियों के खिलाफ अपने अभियान को जारी रखा है। विशेष अदालत के निर्देशों पर लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने वाले दो और आतंकियों की संपत्ति को अटैच कर दिया है।

दोनों वर्ष 2018 में एक पुलिस टीम पर हमला करके पाकिस्तानी आतंकी नवीद जट्ट को श्रीनगर के एक अस्पताल से पुलिस हिरासत से भागने में कथित तौर पर मदद करने के आरोपित हैं।

दो आतंकियों की संपत्ती की जब्त

राष्ट्रीय जासंच एजेंसी कुछ समय से कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठनों और उनके लिए काम करने वालों के खिलाफ अभियान चलाए हुए है। इसी के तहत मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 2018 के मामले में लश्कर-ए-तैयबा के लिए करने वाले दो आतंकियों की संपत्तियों को जब्त किया।

एजेंसी की ओर से कहा गया है कि एनआईए की जम्मू स्थित विशेष अदालत के निर्देशों के बाद गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम की धारा 33 के तहत कार्रवाई करते हुए आठ संपत्तियां जब्त की गई। इनमें से पांच मोहम्मद शफी वानी की और तीन मोहम्मद टिक्का खान की हैं। दोनों पुलवामा के सिंगू नारबल के निवासी हैं।

आतंकियों द्वारा की गई गोलीबारी में दो पुलिस कर्मी हुए थे शहीद

गौरतलब है कि 6 फरवरी 2018 को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी जट्ट उर्फ अबू हंजला को एसएमएचएस अस्पताल श्रीनगर में मेडिकल जांच के लिए ले जा रहे पुलिस दल पर गोलीबारी की गई। इसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो कर्मी बलिदान हो गए थे।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि पाकिस्तानी मूल के आतंकी जट्ट को हमले में जबरन रिहा कर दिया गया था जिसे दोनों आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने पाकिस्तान स्थित लश्कर कमांडरों के आदेश पर अंजाम दिया था।

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मुठभेड़ में जट्ट मारा गया

बाद में 2018 में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में जट्ट मारा गया। माना जाता है कि जून 2018 में रेजीडेंसी रोड स्थित उनके कार्यालय के बाहर पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या के पीछे जट्ट का हाथ था। एजेंसी ने कहा कि लश्कर के लिए काम करने वाले मोहम्मद शफी वानी और मोहम्मद टिक्का खान की जब्त की गई अचल संपत्तियों में जमीन के विभिन्न भूखंड शामिल हैं। शफी का आवासीय घर भी जब्त किया गया है।

दोनों आरोपियों को 8 फरवरी 2018 को उनके पुलवामा स्थित घरों से गिरफ्तार किया गया था और उनके पास हथियार भी पाए गए थे। इसमें कहा गया है कि उनके खिलाफ 3 अगस्त 2018 को आरोप पत्र दायर किया गया था और वर्तमान में वे कई कानूनी प्रावधानों के तहत जम्मू में एनआइए विशेष अदालत के समक्ष मुकदमे का सामना कर रहे हैं।

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