पीएम आवास योजना अर्बन ने बदली जम्मू-कश्मीर की तस्वीर, 35961 गरीब परिवार बने पक्के मकान के मालिक
जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन के तहत 35,961 मकान पूरे कर लाभार्थियों को सौंपे गए हैं। शेष मकानों को पूरा करने के लिए योजना की समय सीम ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में पीएम आवास योजना अर्बन से 35 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का घर।
HighLights
जम्मू-कश्मीर में 35,961 पीएम आवास योजना-अर्बन मकान पूरे।
योजना की समय सीमा 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई।
केंद्र ने 544.40 करोड़ रुपये की सहायता जारी की।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना- अर्बन के तहत मंजूर किए गए 45,982 मकानों में से इस वर्ष जून तक 35,961 मकान पूरे कर लाभार्थियों को सौंप दिए गए हैं।
प्रदेश में योजना के तहत मंजूर अन्य मकानों को पूरा करने के लिए योजना की समय अवधि को इस वर्ष सितंबर महीने तक बढ़ा दिया गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा के सोमवार को यह मुद्दा राज्यसभा में उठाने पर यह जानकारी केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने लिखित में दी है। राज्यसभा के सदस्य ने योजना में देरी, लाभार्थियों को दी जा रही वित्तीय सहायता व शेष मकानों को पूरा करने की समय सीमा को लेकर सरकार से जानकारी मांगी।
PMAY की डेडलाइन 30 सितंबर तक बढ़ी
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में योजना के तहत मंजूर 45,982 मकानों में पीएम आवास योजना अर्बन टू के 3398 घर भी शामिल हैं। इनमें से 35,961 मकान जून 2026 तक पूरे कर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने योजना के लिए 734.44 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मंजूर की है, जिसमें से 544.40 करोड़ रुपये जम्मू-कश्मीर को जारी किए जा चुके हैं।
सत शर्मा ने कहा कि हर जरूरतमंद परिवार के पास स्थायी व पक्का मकान होना सामाजिक सुरक्षा व मानवीय गरिमा का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने आवास क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं व यह सुनिश्चित किया है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचे।
सत शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने निर्माणाधीन मकानों को पूरा करने के लिए योजना की कार्यान्वयन अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी है। मंत्रालय राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहा है, ताकि लंबित मकानों को जल्द पूरा कर लाभार्थियों को उनका कब्जा दिलाया जा सके।