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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jammu News: अब धांधली के आरोप में घिरी पुलिस की बार्डर बटालियन में भर्ती, चयन सूची रद

By Edited By: Ajay Singh
Updated: Tue, 21 Feb 2023 04:36 PM (IST)

जम्मू कश्मीर पुलिस की दो बार्डर बटालियन में भर्ती की चयन सूची रद कर दी गई है। सूची पिछले माह 25 जनवरी को ही जारी हुई थी। बोर्ड ने सूची रद करने का कारण चयन सूची तैयार करने वाली कंपनी के साफ्टवेयर में तकनीकी खराबी बताया है।(फाइल फोटो)

बार्डर बटालियन में भर्ती की चयन सूची रद
बार्डर बटालियन में भर्ती की चयन सूची रद

जागरण संवाददाता, जम्मू: जम्मू कश्मीर पुलिस की दो बार्डर बटालियन में भर्ती की चयन सूची रद कर दी गई है। बटालियन में 1350 कांस्टेबल पदों पर चयन की सूची पिछले माह 25 जनवरी को ही जारी हुई थी। पुलिस बटालियन भर्ती बोर्ड ने सूची रद करने का कारण चयन सूची तैयार करने वाली निजी कंपनी के साफ्टवेयर में तकनीकी खराबी को बताया है।

कहा है कि तकनीकी खराबी के चलते चयन सूची में त्रुटियां हो गई हैं, जिन्हें दूर कर जल्द ही नई चयन सूची जारी की जाएगी। अलबत्ता, इस भर्ती में भी धांधली के कई आरोप लग रहे हैं।

चयन सूची को कोर्ट में दी गई चुनौती

चयन सूची को कोर्ट में भी चुनौती दी गई है। जम्मू कश्मीर में सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को पुलिस में भर्ती करने के लिए दो बार्डर बटालियन बनाई गई हैं। इसमें शर्त है कि पाक के साथ लगते सीमांत क्षेत्रों में 10 किमी के दायरे में रहने वाले युवा ही इस बटालियन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में बार्डर बटालियन में कांस्टेबल पदों पर भर्ती शुरू की थी। इसमें प्रदेश के 28 हजार युवाओं ने आवेदन किया था। अब पुलिस की बटालियन भर्ती बोर्ड ने चयन सूची को रद कर दिया।

आवेदन कश्मीर में, नाम आया जम्मू में

वरिष्ठ वकील अभिनव शर्मा ने बताया कि बार्डर बटालियन में कांस्टेबल पद की चयन सूची जारी होने के बाद ही विवादों में आ गई थी। जम्मू जिले के कई आरक्षित जाति के उम्मीदवारों ने उत्तरी कश्मीर के बांडीपोरा और कुपवाड़ा जिले से इस भर्ती के लिए आवेदन किया था।

इन उम्मीदवारों ने कश्मीर के इन्हीं जिलों में शारीरिक मापदंड और लिखित परीक्षा को उत्तीर्ण किया था, लेकिन चयन सूची जब आई तो इन उम्मीदवारों के नाम जम्मू जिले की मेरिट सूची में शामिल कर दिए गए। इसे कोर्ट में चुनौती दी गई है।

एसपीओ की वरिष्ठता सूची में भी गड़बड़ी

आरोप है कि चयन सूची में कई ऐसे उम्मीदवारों को स्पेशल पुलिस आफिसर (एसपीओ) के कोटे से वरिष्ठता सूची में डाल दिया जो नियम पूरे नहीं करते। बता दें कि तीन वर्ष तक बतौर एसपीओ काम करने वाले युवाओं के लिए भर्ती में विशेष कोटा है।

लेकिन जब चयन सूची जारी हुई तो इसमें कई ऐसे उम्मीदवारों के नाम थे, जिन्होंने बतौर एसपीओ तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा ही नहीं किया है। इस मुद्दे पर कोटे के तहत योग्यता रखने वाले एसपीओ (जो चयन सूची से बाहर हो गए) ने भी पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज करवाई थी।