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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डोर-टू-डोर कचरा उठाने में जम्मू नगर-निगम श्रीनगर से निकला आगे, स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 की लिस्ट में मिला था यह स्थान

By Jagran News Edited By: Monu Kumar Jha
Updated: Tue, 16 Jan 2024 02:30 PM (IST)

Jammu News हर घर से कचरा उठाने में जम्मू नगर निगम ने श्रीनगर नगर निगम को पीछे छोड़ दिया है। जम्मू में 98 फीसदी घरों से डोर-टू-डोर कचरा उठाया जाता है। ...और पढ़ें

Jammu Kashmir News: डोर-टू-डोर कचरा उठाने में जम्मू नगर निगम श्रीनगर से निकला आगे। फाइल फोटो
Jammu Kashmir News: डोर-टू-डोर कचरा उठाने में जम्मू नगर निगम श्रीनगर से निकला आगे। फाइल फोटो

HighLights

  1. 446 शहरों में जम्मू नगर निगम की सर्वेक्षण की रैंकिंग रही 248 वीं
  2. छह साल से अव्वल रहा मध्य प्रदेश का इंदौर शहर
  3. श्रीनगर में पांच फीसदी कचरे को डंपिंग स्थलों पर करते हैं निस्तारण

जागरण संवाददाता, जम्मू। बेशक स्वच्छता रैंकिंग दो अंकों में न आ रही हो, लेकिन हर घर से कचरा उठाने में जम्मू नगर निगम ने श्रीनगर नगर निगम को पीछे छोड़ दिया है। जम्मू में 98 प्रतिशत घरों से डोर-टू-डोर कचरा उठाया जाता है। यहां सिर्फ दो प्रतिशत घर ही हैं। जिनका कचरा खुले स्थानों या नाले-नालियों में फेंका जा रहा है।

 446 शहरों में जम्मू नगर निगम की सर्वेक्षण की रैंकिंग रही 248 वीं

वहीं, श्रीनगर में 91 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा एकत्र किया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के नतीजों में इस बात की तस्दीक हो गई है कि श्रीनगर घरों से कचरा उठाने में जम्मू की तुलना में पीछे है। जम्मू कश्मीर प्रदेश में जम्मू व श्रीनगर शहर में नगर निगम हैं। एक लाख से ज्यादा की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इस बार देश के 446 शहरों में जम्मू नगर निगम(Jammu Municipal Corporation) की स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग 248 रही।

छह साल से अव्वल रहा मध्य प्रदेश का इंदौर शहर 

वहीं, पिछले छह वर्ष से नंबर एक रहा मध्य प्रदेश का इंदौर शहर इस बार भी अव्वल आया है। स्वच्छ सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार जम्मू शहर में 98 प्रतिशत डोर-टू-डोर तथा कचरा उठता है। इतना ही नहीं रिहायशी क्षेत्रों के अलावा बाजारों में सफाई भी 98 प्रतिशत होती है।

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वहीं, श्रीनगर शहर में डोर-टू-डोर 91, रिहायशी क्षेत्रों व बाजारों की सफाई 95 प्रतिशत होती है। इसमें भी जम्मू, श्रीनगर नगर निगम से बढ़त बनाए हुए है। अलबत्ता डंपिंग साइट पर कचरे के निस्तारण के मामले में श्रीनगर नगर निगम आगे है।

श्रीनगर में पांच फीसदी कचरे को डंपिंग स्थलों पर करते हैं निस्तारण 

श्रीनगर में पांच प्रतिशत कचरे को डंपिंग स्थलों पर ले जाकर निस्तारण किया जाता है, जबकि जम्मू नगर निगम इस श्रेणी में जीरो प्रतिशत पर है। अभी भी जम्मू शहर में परेड, सर्कुलर रोड, भगवती नगर समेत विभिन्न क्षेत्रों में छोटे-छोटे डंपिंग साइट मौजूद हैं, जहां कचरा जमा किया जाता है।

फिर यहां से कचरे को उठाकर कोट भलवाल पहुंचाया जाता है। नगर निगम को अपनी स्वच्छ रैंकिंग को सुधारने के लिए सबसे पहले ठोस कचरा प्रबंधन पर जाेर बढ़ना होगा। इसकी वजह से ही वर्ष 2022 के मुकाबले रैंकिंग गिरी है। इसके साथ ही नाले-नालियों की सफाई पर भी ध्यान देना होगा।

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