जम्मू में गट्टू डोर बनी जान की दुश्मन! गले में लगा गहरा कट, दो उंगलियां भी कटीं, बागे बाहु में हुआ हादसा
जम्मू में उत्तम बागे गट्टू डोर से गंभीर रूप से घायल हो गए, उनके गले और हाथ में गहरे कट लगे। यह घटना प्रतिबंधित मांझे के खतरों को उजागर करती है, जिससे ...और पढ़ें

जम्मू में प्रतिबंधित गट्टू डोर से पत्रकार गंभीर रूप से घायल।
HighLights
पत्रकार उत्तम बागे गट्टू डोर से घायल हुए।
गले में गहरा कट, हाथ की दो उंगलियां कटीं।
प्रतिबंधित मांझा सड़कों पर जानलेवा साबित हो रहा।
जागरण संवाददाता, जम्मू। प्रतिबंध के बावजूद सड़कों और गलियों में मंडरा रही गट्टू (चाइनीज मांझा) डोर अब जानलेवा साबित होने लगी है। इसका खौफनाक उदाहरण उस समय सामने आया, जब उत्तम बागे बाहु से प्रेस क्लब की ओर आ रहे थे। अचानक गट्टू डोर उनके गले में फंस गई।
अपनी जान बचाने के लिए उन्होंने तुरंत डोर को गले से हटाने और खींचने का प्रयास किया। इसी दौरान डोर ने उनके गले पर गहरा कट लगा दिया। डोर हटाने के प्रयास में उनके हाथ की दो उंगलियां भी कट गईं। हादसे के बाद उन्हें तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
छह टांके और गले पर गहरे घाव
हाथ में छह टांके लगाए गए, जबकि गले पर भी गहरे घाव आए हैं। हालांकि, इस हादसे में उनकी जान बाल-बाल बच गई। उत्तम जी खुद पत्रकार हैं और हर वर्ष लोगों को गट्टू डोर के खतरों के प्रति जागरूक करते रहे हैं। उन्हें भी पता था कि इस जानलेवा डोर से कैसे बचना है, लेकिन अचानक सामने आई डोर इतनी खतरनाक थी कि बचाव के प्रयास के बावजूद वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
रक्षाबंधन-जन्माष्टमी से पहले सड़कों पर मौत का मांझा
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के त्योहारों में अभी कई दिन बाकी हैं, लेकिन गट्टू डोर पहले ही सड़कों, गलियों और छतों पर दिखाई देने लगी है। यह डोर दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों और बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। खासकर तेज गति से चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों को इसका पता तक नहीं चलता और अचानक गले या चेहरे पर फंसने से गंभीर हादसा हो सकता है।
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सड़क पर निकलते समय विशेष सावधानी बरतें, खासकर दोपहिया वाहन चालक गर्दन और चेहरे की सुरक्षा का ध्यान रखें। गट्टू डोर दिखाई दे तो उसे हाथ से खींचने के बजाय सुरक्षित तरीके से हटाने की कोशिश करें और तत्काल संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें।