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    फर्जी आईडी के सहारे बनाए अवैध ठिकाने, जम्मू संभाग में घुसपैठियों के नेटवर्क पर पुलिस का कसता शिकंजा

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 02:32 PM (IST)

    जम्मू संभाग में रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों का बढ़ता नेटवर्क सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन गया है। ...और पढ़ें

    जम्मू संभाग में घुसपैठियों के नेटवर्क पर पुलिस का कसता शिकंजा (प्रतीकात्मक फोटो)

    जम्मू संभाग में घुसपैठियों के नेटवर्क पर पुलिस का कसता शिकंजा (प्रतीकात्मक फोटो)

    जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू संभाग में रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी अब केवल बस्तियों तक सीमित नहीं रह गई है। सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की विभिन्न कार्रवाइयों में ऐसे मामलों का पता चला है, जिनमें विदेशी नागरिकों को किराये पर मकान या जमीन उपलब्ध कराने, भारतीय पहचान पत्र हासिल करने और स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में मदद करने वाले लोगों की भूमिका सामने आई है।

    दिसंबर 2023 में जम्मू, डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी और पुंछ में एक साथ हुई पुलिस कार्रवाई में 14 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं और करीब 50 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने आधार, राशन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज भी बरामद किए थे।

    दिसंबर 2024 में सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार जम्मू जिले में करीब 6,500 म्यांमार मूल के लोग बताए गए थे। इनकी बस्तियां नरवाल, बठिंडी, रेलवे स्टेशन के आउटर में, कासिम नगर और छन्नी रामा आदि इलाकों में होने की बात कही गई।

    सांबा में करीब 550 और कठुआ जिले के हिरानगर होल्डिंग सेंटर में करीब 200 लोगों का आंकड़ा बताया गया था। हालांकि, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को मिलाकर 13,700 से अधिक का आंकड़ा विभिन्न सरकारी रिकॉर्ड में पहले सामने आ चुका है, लेकिन यह पुराना आंकड़ा है और इसमें सभी विदेशी नागरिकों की श्रेणियां शामिल थीं।

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    आधार से बैंक खाते तक पहुंचाने का खेल

    सुरक्षा एजेंसियों की चिंता का बड़ा कारण पहचान संबंधी दस्तावेज हैं। दिसंबर 2023 में बठिंडी क्षेत्र में पुलिस की तलाशी के दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक से संबंधित दस्तावेज बरामद होने की जानकारी सामने आई थी।

    इसी कार्रवाई में रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के साथ कथित तौर पर दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले स्थानीय मददगारों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह नेटवर्क किस स्तर तक सक्रिय है, इसका अंदाजा इसी वर्ष रामबन में हुई कार्रवाई से भी लगाया जा सकता है।

    हाल में नियमित जांच के दौरान 21 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। सभी जम्मू से कश्मीर घाटी की ओर जा रहे थे। पुलिस ने उनकी नागरिकता और जम्मू-कश्मीर में मौजूदगी से संबंधित तथ्यों की जांच शुरू की।

    म्यांमार मूल के लोगों की अनुमानित संख्या का ब्योरा
    स्थान / केंद्र म्यांमार मूल के लोगों की अनुमानित संख्या संदर्भ / विवरण
    जम्मू जिला करीब 6,500 सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के अनुसार (दिसंबर 2024 का आंकड़ा)
    सांबा करीब 550 सांबा क्षेत्र में बताई गई संख्या
    हीरानगर होल्डिंग सेंटर (कठुआ) करीब 200 कठुआ के हीरानगर होल्डिंग सेंटर में दर्ज संख्या


    13,700 से अधिक — जम्मू-कश्मीर में विदेशी नागरिकों की पुरानी सरकारी संख्या; यह आंकड़ा रोहिंग्या-बांग्लादेशियों का वर्तमान आंकड़ा नहीं है और इसमें अन्य विदेशी नागरिक भी शामिल थे।

    21 संदिग्ध बांग्लादेशी — अगस्त 2026 में रामबन में जांच के दौरान पकड़े गए लोगों की संख्या।