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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दिल्ली से महज 6 घंटे में पहुंचे मां वैष्णो देवी के दरबार, 2025 के इस महीने में बनकर तैयार होगा एक्सप्रेसवे

    Updated: Tue, 26 Nov 2024 02:57 PM (GMT+05:30)

    Delhi Amritsar Katra Expressway दिल्ली से माता वैष्णो देवी के दरबार तक अब महज 6 घंटे में पहुंचा जा सकेगा। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे का निर्माण क ...और पढ़ें

    दिल्ली से वैष्णो देवी सिर्फ छह घंटे में पहुंच सकेंगे (जागरण फोटो)
    दिल्ली से वैष्णो देवी सिर्फ छह घंटे में पहुंच सकेंगे (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. नई दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे का कार्य अगले साल खत्म हो जाएगा
    2. जम्मू-कश्मीर में 60 प्रतिशत कार्य ही हुआ पूरा
    3. 261 किलोमीटर का रास्ता पंजाब से होकर गुजरता है

    जागरण संवाददाता, कठुआ। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे का कार्य अब अगले वर्ष सितंबर माह तक पूरा हो पाएगा। अधिग्रहण को लेकर विवाद और इससे कार्य की गति मंद होने के कारण फिलहाल जम्मू-कश्मीर के हिस्से का 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। ऐसे में इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है।

    करीब 39 हजार करोड़ की 670 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरी होने के बाद नई दिल्ली से कटड़ा मात्र छह घंटे में पहुंचा जा सकेगा ओर अमृतसर मांत्र चार घंटे में पहुंचा जा सकेगा। इसका 150 किलोमीटर से अधिक का क्षेत्र हरियाणा में और 261 किलोमीटर क्षेत्र पंजाब से होकर गुजरता है।

    हरियाणा वाला हिस्सा ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है

    हरियाणा में 135 किलोमीटर हिस्से पर कार्य पूरा होने के बाद इसे ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। पंजाब में भी ज्यादातर निर्माण अधिग्रहण को लेकर चल रहे विवाद में फंसा हुआ है।

    यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी होने से मां वैष्णा देवी धाम और अमृतसर आने वाले श्रद्धालुओं की राह आसान हो जाएगी।

    फिलहाल निर्माण का कार्य की गति को देखकर यह कार्य अगले वर्ष सितंबर माह तक पूरा होना भी आसान नहीं लगता है। इस परियोजना का शिलान्यास 2022 में किया गया था और इसे सितंबर 2024 तक पूरा किया जाना था। अब इसकी नई डेडलाइन सितंबर-2025 तक कर दी गई है।

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    यह है देरी के कारण

    • जमीन अधिग्रहण के कारण काफी चुनौती रही। खासकर दशकों से सरकारी जमीन पर खेती कर रहे किसानों को कोई मुआवजा नहीं मिला। इस कारण काफी मामले अदालतों में चले गए।
    • इस हिस्से में काफी नाले हैं और उन पर पुल बनाए जाने हैं। प्राकृतिक चुनौतियों के कारण भी कार्य की गति धीमी रही।
    • भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक का प्रबंधन भी चुनौती बढ़ाता रहा। निर्माण कंपनियों और प्रशासन में इस पर तालमेल का अभाव दिखा।
    • पठानकोट-जम्मू राजमार्ग के चौड़ीकरण का कार्य भी साथ-साथ चल रहा है।

    दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा का कठुआ से लेकर जम्मू तक तीन खंडों में कार्य अब तेजी से चल रहा है। 60 प्रतिशत कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सितंबर-2025 तक शेष बचे 40 प्रतिशत कार्य को पूरा कर दिया जाएगा।

    -राजीव कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी, जम्मू

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