जम्मू: बिश्नाह में बेटियों के स्कूल में पानी ही पानी! बिजली की तारें भी डूबीं, करंट के खतरे के बीच हो रही पढ़ाई
बिश्नाह के गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल में तालाब का पानी घुसने से परिसर जलमग्न हो गया है, जिससे छात्राओं को आवागमन में भारी परेशानी और करंट लगने का खतर ...और पढ़ें

बिश्नाह में बेटियों के स्कूल का हाल बेहाल।
HighLights
तालाब का पानी स्कूल परिसर में घुसने से जलभराव।
बिजली की तारों में करंट का खतरा, जर्जर इमारत।
स्थानीय लोगों ने तत्काल मरम्मत और सुरक्षा की मांग की।
जागरण संवाददाता, बिश्नाह। जम्मू की बिश्नाह विधानसभा क्षेत्र के सलैड़ गांव में स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल इन दिनों बदहाली का सामना कर रहा है। स्कूल के पास मौजूद तालाब में पानी का स्तर बढ़ने के कारण पानी स्कूल परिसर में घुस गया है। हालात ऐसे हैं कि छात्राओं को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यहां तक कि एक स्कूल से दूसरी क्लास में जाने से डर लगने लगा है, क्योंकि बिजली की तारें भी पानी में डूब चुकी है। उससे करंट दौड़ने का खतरा है।
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों में चिंता
स्थानीय निवासी जुगल किशोर का कहना है कि तालाब के चारों ओर उचित बाउंड्री या सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी स्कूल परिसर तक पहुंच गया है। जमा पानी के चलते गंदगी और मच्छरों का साम्राज्य हो गया है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।
स्कूल की इमारत भी धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो रही
वहीं, अश्वनी कुमार के मुताबिक स्कूल की इमारत भी धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो रही है। पानी के कारण स्कूल परिसर और भवन की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चों को ऐसे माहौल में पढ़ाई करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों की प्रशासन और सरकार से मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि स्कूल परिसर से पानी की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए, तालाब के चारों ओर मजबूत बाउंड्री बनाई जाए और स्कूल भवन की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक मरम्मत कार्य करवाया जाए।
खबरें और भी
भूषण कुमार का कहना है कि एक तरफ सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूल की ऐसी स्थिति चिंता का विषय है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द मौके पर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रह सकें।