विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Army In Ladakh : क्विक रिएक्शन फोर्स व्हीकल से लद्दाख में सेना और मजबूत, जानिए क्या है इसकी खासियत!

By vivek singhEdited By: Rahul Sharma
Updated: Sat, 15 Oct 2022 07:03 AM (IST)

सेना ने 6 अक्टूबर को इन क्विक रिएक्शन वाहनों को सेना में शामिल करने की घोषणा की थी। शुक्रवार को सेना की उत्तरी कमान ने इंटरनेट मीडिया पर जानकारी साझा की कि इन वाहनों को लद्दाख में सेना में शामिल कर दिया है। यह बड़ी उपलब्धि है।

भारतीय सेना के बेड़े में लगातार आधुनिक हथियार व उपकरण शामिल किए जा रहे हैं।
भारतीय सेना के बेड़े में लगातार आधुनिक हथियार व उपकरण शामिल किए जा रहे हैं।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : लद्दाख में चीन से सीमा विवाद के बाद भारत अपनी सैन्य ताकत को लगातार बढ़ा रहा है। लद्दाख में चीन व पाकिस्तान की चुनौतियों का सामना कर रही भारतीय सेना के बेड़े में आधुनिक फोर बाय फोर क्विक रिएक्शन फोर्स व्हीकल शामिल हो गए हैं।

यह वाहन किसी भी हालात का सामना करने को तैयार रहते हैं। इससे लद्दाख में सेना की मारक क्षमता बढ़ गई है। अब इन वाहनों से दुश्मन की साजिश नाकाम बनाने के लिए सैनिक त्वरित कार्रवाई कर पाएंगे। फोर बाय फोर होने के कारण ये वाहन सीधे चढ़ाई व पथरीली जमीन पर भी तेज से दौड़ सकेंगे।

सेना ने 6 अक्टूबर को इन क्विक रिएक्शन वाहनों को सेना में शामिल करने की घोषणा की थी। शुक्रवार को सेना की उत्तरी कमान ने इंटरनेट मीडिया पर जानकारी साझा की कि इन वाहनों को लद्दाख में सेना में शामिल कर दिया है। यह बड़ी उपलब्धि है। लद्दाख में सैनिकों के जल्द एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचने के लिए ऐसे वाहनों की जरूरत महसूस की जा रही थी। यह किसी भी प्रकार के हालात में कारगर रहने वाले वाहन हैं, में विशेष अलार्म लगा है जो इन्हें बारूदी सुरंग से बचा सकते हैं।

ऐसे में इन वाहनों में जवान सुरक्षित मंजिल तक पहुंचकर दुश्मन पर वार कर सकेंगे। इन वाहनों को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत भारत फोर्ज लिमिटेड ने बनाया है। पूर्वी लद्दाख के गलवन में चीन सैनिकों से हिसंक भिड़ंत के बाद से क्षेत्र में भारतीय सेना के बेड़े में लगातार आधुनिक हथियार व उपकरण शामिल किए जा रहे हैं।

इसके साथ क्षेत्र में सेना के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किए जाने से इस समय भारतीय सेना चीन की चुनौतियों का सामना करने के लिए पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है। थलसेना अध्यक्ष व सेना के अन्य कई शीर्ष अधिकारी लगातार लद्दाख के दौरे कर सेना की तैयारियों को बल दे रहे हैं।