अमरनाथ यात्रा पर लगी रोक, 22 अगस्त को पवित्र गुफा के लिए रवाना होगी छड़ी मुबारक, अब तक 4.8 लाख श्रद्धालु ने किए दर्शन
बाबा अमरनाथ यात्रा की छड़ी मुबारक 22 अगस्त को पहलगाम मार्ग से पवित्र गुफा के लिए रवाना होगी। खराब मौसम के कारण 9 अगस्त से दोनों मार्ग बंद हैं। ...और पढ़ें
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22 अगस्त को पवित्र गुफा के लिए रवाना होगी छड़ी मुबारक। फोटो जागरण
HighLights
छड़ी मुबारक 22 अगस्त को पवित्र गुफा के लिए रवाना होगी।
खराब मौसम के कारण 9 अगस्त से दोनों मार्ग बंद।
4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा की छड़ी मुबारक को दशनामी अखाड़ा से 12 अगस्त को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर और 13 अगस्त को शारिका भवानी मंदिर ले जाया जाएगा। इसके बाद 15 अगस्त को श्री अमरेश्वर मंदिर, दश्नामी अखाड़ा श्रीनगर में छड़ी स्थापना से संबंधित अनुष्ठान होंगे।
17 अगस्त को नाग पंचमी के शुभ अवसर पर दश्नामी अखाड़ा श्रीनगर में पारंपरिक छड़ी पूजन किया जाएगा। दशनामी अखाड़ा के महंत दीपेंद्र गिरि के अनुसार छड़ी मुबारक 22 अगस्त को मुख्य तीर्थ यात्रा पर निकलेगी और पारंपरिक पहलगाम मार्ग से पवित्र गुफा पहुंचेगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 22-23 अगस्त को पहलगाम में रात्रि विश्राम, 24 अगस्त को चंदनवाड़ी, 25 अगस्त को शेषनाग, 26-27 अगस्त को पंचतरणी 28 अगस्त के श्री अमरनाथ गुफा में पूजा और दर्शन होंगे।
9 अगस्त से दोनों मार्ग बंद
खराब मौसम और हाल की बारिश के कारण अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों को 9 अगस्त से तीर्थ- यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया है। कश्मीर के मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने बताया कि दोनों मार्गों पर आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य किया जा रहा है।
हाल की बारिश के बाद संवेदनशील हिस्सों में ट्रैक की मरम्मत की जरूरत महसूस हुई है, जिसे बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा कराया जा रहा है। इसके अलावा, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में प्रतिकूल मौसम की संभावना जताई है। इस वर्ष 57 दिवसीय बाबा अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को दोनों पारंपरिक मार्गों अनंतनाग जिले के चंदनवाड़ी और गांदरबल जिला के बालटाल से शुरू हुई थी।
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4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके पवित्र गुफा के दर्शन
अब तक 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। महंत दीपेंद्र गिरि ने केंद्र शासित प प्रशासन को पत्र भेजकर छड़ी मुबारक की सदियों पुरानी परंपराओं के अनुरूप यात्रा सुनिश्चित करने तथा साधुओं और साथ चलने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध करने का आग्रह किया है।
दोनों मार्गों पर नियमित यात्रा बंद होने की घोषणा के बाद बालटाल मार्ग पर लगाए गए लंगर भी समेटे जाने लगे हैं और सेवा प्रदाता छोटे मार्ग से गुफा जाने वाले बेस कैंप से वापस लौट रहे हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा और यात्रा के सुचारु संचालन के लिए सक्षम अधिकारियों द्वारा समय-समय पर जारी सभी एडवाइजरी का पालन करें।