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    जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में फर्जी हाजिरी पर होगी कार्रवाई, अब हर छात्र की दो बार होगी उपस्थिति जांच

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 07:02 AM (IST)

    जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों की उपस्थिति को और सख्त किया गया है। डिजिटल अटेंडेंस से पहले भौतिक उपस्थिति अनिवार्य होगी और दिन में दो ब ...और पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में फर्जी हाजिरी पर होगी कार्रवाई। फाइल फोटो

    जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में फर्जी हाजिरी पर होगी कार्रवाई। फाइल फोटो

    HighLights

    1. डिजिटल अटेंडेंस से पहले भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य।

    2. छात्रों की हाजिरी दिन में दो बार दर्ज की जाएगी।

    3. फर्जी हाजिरी या हेरफेर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति व्यवस्था को और सख्त करते हुए डिजिटल अटेंडेंस दर्ज करने से पहले प्रत्येक छात्र की कक्षा में भौतिक रूप से मौजूदगी सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया है। विभाग ने इस संबंध में सर्कुलर जारी कर स्कूलों में औचक निरीक्षण और मैनुअल तथा डिजिटल उपस्थिति के नियमित मिलान के निर्देश दिए हैं।

    सर्कुलर के अनुसार, शिक्षक कक्षा में प्रत्येक विद्यार्थी की वास्तविक मौजूदगी की पुष्टि करने के बाद ही जेके स्मार्ट अटेंडेंस एप्लीकेशन पर डिजिटल उपस्थिति दर्ज करेंगे। बिना भौतिक सत्यापन के डिजिटल हाजिरी दर्ज नहीं की जा सकेगी।

    स्कूलों को प्रत्येक कक्षा के लिए मैनुअल उपस्थिति रजिस्टर बनाए रखने और विद्यार्थियों की हाजिरी दिन में दो बार दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। पहली उपस्थिति स्कूल शुरू होने के समय और दूसरी छुट्टी से पहले दर्ज की जाएगी। संबंधित शिक्षक इन रजिस्टरों को प्रमाणित करेंगे और मैनुअल रिकॉर्ड का डिजिटल उपस्थिति से नियमित मिलान किया जाएगा।

    यदि दोनों रिकॉर्ड में कोई अंतर पाया जाता है तो संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रमुख संस्था को इसकी जांच कर कारण दर्ज करना होगा तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करनी होगी। विभाग ने संस्थान प्रमुखों को उपस्थिति रिकॉर्ड की शुद्धता और विश्वसनीयता के लिए सीधे जिम्मेदार बनाया है। उन्हें मैनुअल और डिजिटल दोनों रिकॉर्ड की औचक जांच भी करनी होगी।

    संस्थान प्रमुखों को प्रत्येक महीने प्रमाणित करना होगा कि विद्यार्थियों की उपस्थिति का भौतिक सत्यापन किया गया है, मैनुअल और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान किया गया है तथा किसी भी विद्यार्थी की फर्जी या प्रॉक्सी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई है।

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    क्लस्टर हेड, जोनल एजुकेशन ऑफिसर और चीफ एजुकेशन ऑफिसर को भी नियमित एवं औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति रिकॉर्ड का रैंडम मिलान तथा कक्षा में वास्तविक विद्यार्थियों की संख्या का मैनुअल और डिजिटल रिकॉर्ड से सत्यापन किया जाएगा।

    जिन स्कूलों में लगातार बहुत कम उपस्थिति, लंबे समय तक 100 प्रतिशत उपस्थिति अथवा उपस्थिति के अन्य असामान्य पैटर्न सामने आएंगे, उन्हें निरीक्षण के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उपस्थिति में जानबूझकर हेरफेर, फर्जी या प्रॉक्सी हाजिरी, बिना अनुमति डिजिटल उपस्थिति अपलोड करना अथवा मैनुअल और डिजिटल रिकॉर्ड में गंभीर अंतर को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना जाएगा। ऐसे मामलों में लागू सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

    यह नई व्यवस्था जम्मू-कश्मीर के सभी सरकारी स्कूलों, पीएम श्री स्कूलों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, आवासीय स्कूलों और मॉडल स्कूलों पर लागू होगी। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और संस्थानों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।