कॉमनवेल्थ में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद स्वर्ण का सपना लिए एशियाई खेलों को रवाना हुई महिला हॉकी टीम
विश्व कप में ऐतिहासिक पांचवां स्थान हासिल करने के बाद, भारतीय महिला हॉकी टीम जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए रवाना हो गई है।

भारतीय महिला हॉकी टीम

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पीटीआई, बेंगलुरु। विश्व कप में ऐतिहासिक रूप से पांचवां स्थान हासिल करने के बाद, भारतीय महिला हॉकी टीम मंगलवार को जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए रवाना हुई। टीम का लक्ष्य इन महाद्वीपीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए सीधे क्वालिफाई करना है।
कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई और कोच स्योर्ड मारिजने के मार्गदर्शन में भारत ने दशकों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और टीम पांचवें स्थान पर रही। यह 1974 में हुए पहले विश्व कप के बाद से उनका सबसे अच्छा नतीजा था। एशियाई खेलों में महिला हॉकी प्रतियोगिता में सबसे अच्छी रैंकिंग वाली योग्य टीम को ओलंपिक कोटा मिलेगा, बशर्ते उसने पहले ही किसी अन्य तरीके से क्वालिफाई न किया हो।
सलमी टेटे को टीम पर भरोसा
टेटे ने कहा कि हम पूरे आत्मविश्वास के साथ एशियाई खेलों में जा रहे हैं, लेकिन हम यह भी जानते हैं कि हर टूर्नामेंट एक नई चुनौती लेकर आता है।
20 सितंबर को टीम इंडिया करेगी आगाज
टीम अपने अभियान की शुरुआत 20 सितंबर को पूल-बी में उज्बेकिस्तान के विरुद्ध करेगी। इसके बाद 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाइलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर के विरुद्ध मैच खेलेगी। नॉकआउट चरण 30 सितंबर से शुरू होगा। भारतीय टीम में सविता, नवनीत कौर, नेहा, निक्की प्रधान, लालरेम्सियामी और सुशीला चानू पुखरामबम जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।
