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खुद चलकर अस्पताल पहुंचा व्यक्ति और कुछ देर बाद मौत, ऊना में बवाल के बाद FIR; डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 30 Sep 2026 12:08 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 30 Sep 2026 03:41 PM (GMT+05:30)

ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में हरपाल सिंह सुनेहरा की उपचार के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

ऊना अस्पताल में व्यक्ति के मौत के बाद शव रखकर प्रदर्शन करते लोग। जागरण

ऊना अस्पताल में व्यक्ति के मौत के बाद शव रखकर प्रदर्शन करते लोग। जागरण

HighLights

  1. ऊना अस्पताल में उपचार के दौरान हरपाल सिंह की मौत, परिजनों का विरोध।

  2. परिजनों ने डॉक्टरों पर उपचार में घोर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया।

  3. पुलिस ने गैर-इरादतन मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जागरण संवाददाता, ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में उपचार के दौरान हरपाल सिंह सुनेहरा निवासी की मौत हो गई। मृतक के स्वजन ने चिकित्सकों पर उपचार में कथित कोताही बरतने के आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। स्वजन ने शव को स्ट्रेचर पर रखकर कार्रवाई की मांग उठाई। महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के प्रदेशाध्यक्ष अमित कुमार वाल्मीकि की मौजूदगी में स्वजन ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रोष जताया।

अमित कुमार वाल्मीकि ने कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो महासभा सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। 

चिकित्सक व स्टाफ पर कार्रवाई की जाए

उन्होंने कहा कि मृतक के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और उपचार में लापरवाही सामने आने पर संबंधित चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

खुद चलकर आया था मरीज

मृतक के भाई ने बताया कि हरपाल सिंह उसके साथ स्वयं चलकर अस्पताल की आपातकालीन सेवा में पहुंचा था। उसे छाती में दर्द की शिकायत थी, लेकिन आरोप है कि उसकी समुचित जांच नहीं की गई और न ही समय पर उचित उपचार दिया गया। कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।

स्वजन ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, जिम्मेदार चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने तथा परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

परिवार की मांग पर मामला दर्ज

मौके पर स्थिति संभालने के लिए एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय राणा, तहसीलदार विपन कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार संग पूरी सांत्वना जताई और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। स्वजन की मांग अनुसार मामले में धारा 106 (1) लापरवाही के कारण मौत होने (गैर-इरादतन) की एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसके बाद स्वजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।

परिवार का आरोप तीन बार बेड से खुद चलकर गया था हरपाल

परिवार का कहना है कि इमरजेंसी में वह छह बजे सुबह आए थे ऐसे में इमरजेंसी के अंदर उन्हें उचित उपचार और देखभाल नहीं की गई। हरपाल छाती की दर्द से तड़प रहा था। मौके पर मौजूद डॉक्टर से उपचार की अपील की गई, लेकिन वह मोबाइल में व्यस्त रही। हालात ऐसे हो गए कि हरपाल उचित इलाज के लिए बेड से स्वयं उठकर तीन बार मौके पर तैनात स्टाफ के पास गया। आखिरकार एक घंटे बाद उसकी जान चली गई।

चिकित्सक ने दिया था उपचार : एमएस

क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के एमएस डॉ. संजय मनकोटिया ने बताया कि मृतक के परिवार संग हमारी संवेदनाएं हैं। मौके पर आए मरीज को इमरजेंसी में चिकित्सक की ओर से उचित उपचार दिया गया था। स्वजन के आरोप पर कोई टिप्पणी नहीं है, लेकिन मरीज को बचाने के लिए हर संभव प्रयास मौके पर चिकित्सीय स्टाफ की ओर से किए गए।

पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल टीम का गठन

स्वजन की मांग अनुसार हरपाल का पोस्टमार्टम क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के शव गृह में ही करवाया गया। इसके लिए क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल टीम का गठन कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की, जबकि इस गंभीर मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने विभागीय स्तर पर जांच के लिए विशेष कमेटी गठित करने की बात भी कही।

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