एक ही आधार कार्ड का बार-बार इस्तेमाल बंद, मां चिंतपूर्णी मंदिर में बदला सुगम दर्शन का नियम; क्या है नई व्यवस्था?
चिंतपूर्णी मंदिर न्यास ने सुगम दर्शन प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब दर्शन पास के लिए केवल परिवार के सदस्य का आधार कार्ड मान ...और पढ़ें

सुगम दर्शन में अब नहीं चलेगा किसी और का आधार कार्ड।
HighLights
सुगम दर्शन प्रणाली में आधार कार्ड नियमों को अधिक पारदर्शी बनाया गया।
दर्शन पास के लिए अब परिवार के सदस्य का आधार कार्ड मान्य।
आधार कार्डधारक की दर्शन के समय निर्धारित स्थान पर उपस्थिति अनिवार्य।
संवाद सहयोगी, चिंतपूर्णी। मां चिंतपूर्णी के दर्शन के लिए संचालित सुगम दर्शन प्रणाली को अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित बनाने के लिए मंदिर न्यास ने नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब इस प्रणाली के तहत किसी बाहरी व्यक्ति के आधार कार्ड के आधार पर पास बनवाकर दर्शन करना संभव नहीं होगा।
पास बनवाते समय श्रद्धालुओं के परिवार में से ही किसी सदस्य का आधार कार्ड मान्य होगा और जिस व्यक्ति का आधार कार्ड नंबर दिया है, उसका दर्शन के समय निर्धारित स्थान पर उपस्थित रहना भी अनिवार्य होगा।
दैनिक जागरण ने आधार कार्ड पैटर्न को लेकर 31 जुलाई के अंक में समाचार प्रकाशित किया था जिसमें बताया था कि सुगम दर्शन प्रणाली में संभावित वित्तीय अनियमितता की जांच में कहीं पूर्व में एक ही आधार कार्ड का बार-बार प्रयोग तो नहीं हो रहा था। प्रशासन इस संबंध में जांच कर रहा है और कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिसके आधार पर प्रशासन ने इस व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया है।
मंदिर न्यास के अनुसार सुगम दर्शन प्रणाली के तहत एक आधार कार्ड पर दो, चार या पांच श्रद्धालुओं के पास बनाए जा सकते हैं। हालांकि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आधार कार्डधारक व्यक्ति का संबंधित श्रद्धालुओं के परिवार का सदस्य होना जरूरी है। साथ ही उसे स्वयं भी मां के दर्शन के समय लिफ्ट वाले निर्धारित स्थान पर उपस्थित रहना होगा।
यदि जांच के दौरान आधार कार्ड में दर्ज व्यक्ति निर्धारित स्थान पर नहीं पाया जाता है तो उस आधार कार्ड के आधार पर बनाए पास को वैध नहीं माना जाएगा। ऐसे में संबंधित श्रद्धालुओं के परिवार को सुगम दर्शन प्रणाली से दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर प्रशासन ने यह कदम सुगम दर्शन प्रणाली के दुरुपयोग की संभावनाओं को रोकने के लिए उठाया है।
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मंदिर न्यास आयुक्त व उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि सुगम दर्शन प्रणाली में ऐसी व्यवस्था लागू की है। मंदिर न्यास के सह-आयुक्त एवं अंब के एसडीएम पारस अग्रवाल ने बताया कि आधार कार्ड की व्यवस्था का पहले भी प्रविधान था, लेकिन अब इसे और स्पष्ट एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है। व्यवस्था का उद्देश्य किसी श्रद्धालु को असुविधा पहुंचाना नहीं, सुगम दर्शन सुविधा को सही श्रद्धालुओं तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। इस व्यवस्था से बाहरी व्यक्तियों के नाम पर पास बनवाने की संभावना पर रोक लगाई जा सकेगी।