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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एटीएम ने बैरंग लौटाए, फिर लाइन में धक्के खाए

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Updated: Thu, 01 Dec 2016 09:14 PM (IST)

जागरण संवाददाता, ऊना : महीने का पहला दिन और कर्मचारियों के हाथ खाली दिखे। वीरवार को जिला मुख्यालय मे

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जागरण संवाददाता, ऊना : महीने का पहला दिन और कर्मचारियों के हाथ खाली दिखे। वीरवार को जिला मुख्यालय में सरकारी कार्यालयों के समीप एटीएम के द्वार उनके लिए बंद दिखे। इसलिए पैसा निकालने की पहली उम्मीद पर पानी फिर गया। इसके बाद बैंक शाखाओं में जाकर उन्हें धक्के खाने पड़े। कारण, शाखाओं में कर्मचारियों से लेकर पेंशनर्स भी पैसे निकालने के लिए पहुंचे थे। ऐसे में वहां काफी देर तक उन्हें पैसों के लिए इंतजार करना पड़ा और उसके बाद तय राशि के मुताबिक ही नोट हाथ में आए। एटीएम सेवाएं नोटबंदी के आम दिनों की तरह ही रहीं। उपायुक्त कार्यालय के समीप बैंकों की एटीएम अभी तक खुल नहीं पाई हैं। बुधवार को पीएनबी ने लोगों को एटीएम सेवाएं प्रदान की थी। लेकिन वीरवार सुबह बैंक प्रबंधन के लिए नकद राशि का इंतजाम करना मुश्किल हो गया। दोपहर तक एटीएम में राशि डाली जा सकी और कर्मचारी व अन्य उपभोक्ता पैसे निकाल सके। जबकि मुख्यालय में महज तीन एटीएम में ही वीरवार को कैश था। इसके चलते कर्मचारी व पेंशनर्स एटीएम की दौड़ लगाते रहे। इससे उन्हें शारीरिक, मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ी। वर्तमान हालातों को देख प्रतीत हो रहा है कि आगामी दिनों में भी कर्मचारियों और पेंशनर्स को समस्या झेलनी पड़ सकती है। उधर, जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कहा कि वेतन की राशि से कर्मचारियों को कई कार्य करने होते हैं पर उन्हें माकूल राशि नहीं मिल पा रही है। सरकार को बैंकों से संपर्क साधकर उचित कदम उठाने चाहिए।