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    सोलन में खुले पानी के टैंक में डूबने से बीएससी ऑनर्स छात्र की मौत, नौणी विश्वविद्यालय परिसर में हुआ हादसा

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 02 May 2026 01:18 PM (IST)

    सोलन के नौणी विश्वविद्यालय में बीएससी ऑनर्स के चौथे वर्ष के छात्र मंजीत जायसवाल की खुले जल भंडारण टैंक में डूबने से मौत हो गई। यह टैंक 2007 से खुला था ...और पढ़ें

    छात्र मंजीत जायसवाल का फाइल फोटो और नौणी विवि परिसर में स्थित टैंक जहां हादसा हुआ।

    छात्र मंजीत जायसवाल का फाइल फोटो और नौणी विवि परिसर में स्थित टैंक जहां हादसा हुआ।

    HighLights

    1. नौणी विश्वविद्यालय में खुले जल टैंक में छात्र की डूबकर मौत।

    2. बीएससी ऑनर्स के होनहार छात्र मंजीत जायसवाल ने गंवाई जान।

    3. विश्वविद्यालय परिसर में 2007 से खुला था खतरनाक जल टैंक।

    संवाद सहयोगी, सोलन। हिमाचल प्रदेश के डा. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के परिसर में स्थित डेरी के पास बने लगभग 12 फीट ऊंचे जल भंडारण टैंक में डूबने से बीएससी ऑनर्स बागवानी के चौथे वर्ष के होनहार छात्र की मौत हो गई। छात्र की पहचान मंजीत जायसवाल निवासी ए 31/158 सी-6-डी, हनुमान फाटक, तेलियाना, आदमपुर जिला वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

    2007 में बना था टैंक

    वर्ष 2007 में बने इस टैंक का पानी सिंचाई व अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हैरानी की बात है कि यह टैंक जब से बना है तब से खुला है। हालांकि इसे बंद करवाने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है। वर्षों से खुले जल भंडारण टैंक में गिरने से छात्र को जान गंवानी पड़ी।

    स्पोर्ट्स मीट के दौरान हादसा

    हादसा उस समय हुआ जब सभी विद्यार्थी व शिक्षक विश्वविद्यालय में चल रही स्पोर्ट्स मीट के मैच हाल में देख रहे थे। इस दौरान मंजीत हास्टल से घूमता हुआ डेरी के नजदीक इस टैंक पर चढ़ गया। 12 फीट ऊंचे इस टैंक पर चढ़ने के लिए सीढ़ियां नहीं हैं और उस पर खड़ा होने के लिए भी टैंक की दीवार की चौड़ाई कम है। विश्वविद्यालय में बने हुए कम ऊंचाई वाले टैंक ढके हुए हैं, लेकिन यह ऊंचा टैंक खुला है। मामले की जांच पुलिस कर रही है।

    एक और छात्र भी था साथ

    बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त एक अन्य छात्र भी टैंक के सामने बैठा था। उसके पास भी उस समय मोबाइल फोन नहीं था। घटना की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को दी, लेकिन टैंक ऊंचा होने और उस पर चढ़ने के लिए सहारा न होने से बचाव कार्य में समय लग गया। जब तक उसको टैंक से बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि मंजीत टैंक पर चढ़ गया और पैर फिसलने से टैंक में गिर गया।

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    आइसीएआर कोटे से हुआ था दाखिला

    विश्वविद्यालय के अनुसार मंजीत पढ़ाई में अव्वल था। विश्वविद्यालय में उसका दाखिला भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) कोटे से हुआ था। आइसीएआर द्वारा विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए राष्ट्र स्तरीय परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसे मंजीत ने उत्तीर्ण कर प्रवेश पाया था।

    मंजीत आंध्र प्रदेश के एक छात्र के साथ खाना खाने के बाद हास्टल में मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाकर टहलने निकला था। मंजीत इस टैंक पर सीमेंट के पिलर पर पैर रखकर उछल कर चढ़ा था। ऊपर खड़े होने के लिए जगह कम होने और हवा के झोंके ने होनहार छात्र को काल का ग्रास बना दिया। इस दौरान तीसरा छात्र भी वहीं नजदीक बैठा था। हमारे सभी कम ऊंचाई वाले टैंक ढके हैं। छात्र के माता-पिता को मौके पर निरीक्षण करवाया है और उन्होंने कोई शिकायत नहीं की। फोरेंसिक टीम ने भी हर पहलु से जांच की है। स्वजन शव लेकर चले गए हैं। विश्वविद्यालय के लिए यह अत्यंत दुखद घटना है, भगवान उसकी आत्मा को शांति दें।
    - डा. राजेश्वर चंदेल, कुलपति नौणी विश्वविद्यालय।

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